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इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
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सुबह खाली पेट इसबगोल लेने के हैं अनगिनत फायदे, जानें सही तरीका

प्रतीकात्मक फोटो

फाइल फोटो

Benefits of Isabgol: इसबगोल यानी प्लांटैगो ओवाटा के बीजों की भूसी को आयुर्वेद में बहुत फायदेमंद माना गया है. यह सिर्फ पाचन के लिए नहीं, बल्कि कई अन्य बीमारियों में भी उपयोगी है। इसबगोल में फाइबर की मात्रा अत्यधिक होती है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है. कब्ज से राहत पाने के लिए इसका नियमित सेवन बेहद प्रभावी है. यह मल त्याग को आसान बनाता है और पेट को पूरी तरह साफ करता है. अगर दस्त या डायरिया की समस्या हो, तो इसे दही या पानी में मिलाकर खाने से राहत मिलती है.

दिल के स्वास्थ्य की बात करें तो इसबगोल शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को निकालने में मदद करता है, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है. डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह फायदेमंद है, क्योंकि यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक होता है.

वजन हो जाएगा कम
वजन घटाने की चाह रखने वालों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है. सुबह खाली पेट इसबगोल को पानी या नींबू पानी के साथ लेने से भूख लंबे समय तक नहीं लगती, जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है, जिससे लिवर स्वस्थ रहता है और शरीर में हल्कापन महसूस होता है. इसबगोल का असर त्वचा और बालों पर भी दिखाई देता है. यह शरीर को अंदर से डिटॉक्स करता है, जिससे मुंहासे कम होते हैं और त्वचा पर नैचुरल ग्लो आता है. यह शरीर में नमी बनाए रखता है, जिससे रूसी और बाल झड़ने की समस्या में भी आराम मिलता है.

इन समस्याओं का रामबाण इलाज
बवासीर और गैस की समस्या में भी इसबगोल राहत देता है. यह मल को मुलायम बनाता है, जिससे दर्द और सूजन में कमी आती है. अगर एसिडिटी की शिकायत हो, तो दूध के साथ इसका सेवन करने से तुरंत आराम मिलता है. हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अत्यधिक सेवन से पेट फूलना, गैस या ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है. अगर पर्याप्त पानी नहीं पिया गया तो यह आंतों में सूखकर कब्ज बढ़ा सकता है.

नोट: गर्भवती महिलाएं या जो किसी दवा का सेवन कर रही हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका उपयोग करना चाहिए. इसबगोल सही तरीके से लिया जाए तो यह शरीर को अंदर से स्वस्थ और ऊर्जावान बनाता है.
 


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Written by: Taushif

12 Nov 2025  ·  Published: 11:24 IST

छोटा बाजरा: सर्दियों में सेहत के लिए सुपरफूड, आयुर्वेद भी करता है इसकी सिफारिश

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Little Millet Benefits: भारत के कई ग्रामीण इलाकों में सदियों से खाया जाने वाला छोटा बाजरा, जिसे अंग्रेज़ी में Little Millet कहा जाता है, आज एक बार फिर लोकप्रिय हो रहा है. पहले यह आम भोजन का हिस्सा था, लेकिन अब इसे एक सुपरफूड माना जा रहा है, क्योंकि इसके फायदों की सूची लंबी है.

छोटा बाजरा पोषण का बेहतरीन स्रोत है और इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, विटामिन बी और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. यह शरीर को ऊर्जा देने, खून की कमी दूर करने, हड्डियों को मजबूत करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. खासकर सर्दियों के मौसम में इसे खाना बेहद फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह शरीर को गर्म रखता है और पाचन शक्ति को मजबूत करता है.

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी छोटा बाजरा को सुपरफूड की श्रेणी में रखा है. मंत्रालय का कहना है कि यह अनाज शरीर में ऊर्जा बनाए रखने, मेटाबॉलिज्म सुधारने और कई पाचन संबंधी बीमारियों में मदद करता है.

आयुर्वेद में छोटा बाजरा के फायदे और भी विस्तार से बताए गए हैं. आयुर्वेदिक सिद्ध साहित्य के अनुसार इसमें गैलिक एसिड, क्लोरोजेनिक एसिड, फेरुलिक एसिड और पी-कौमरिक एसिड जैसे सक्रिय बायो-कंपाउंड होते हैं. ये तत्व शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं, जिससे सूजन कम होती है और शरीर की प्राकृतिक हीलिंग क्षमता बढ़ती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि रोज़ाना भोजन में छोटा बाजरा शामिल करने से पाचन मजबूत होता है और मोटापे, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. साथ ही यह डायबिटीज वालों के लिए भी सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है. छोटा बाजरा को खिचड़ी, उपमा, दलिया या रोटी की तरह आसानी से रोज़ाना की डाइट में शामिल किया जा सकता है.
 


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Written by: Taushif

24 Nov 2025  ·  Published: 11:41 IST

कम उम्र में हड्डियों की कमजोरी; इन फूड्स को डाइट में शामिल करें, मिलेगी मजबूती

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Bone Health Foods: हड्डियां हमारे शरीर का ढांचा हैं. वही जो पूरे शरीर को सहारा देती हैं. लेकिन आजकल हड्डियों से जुड़ी परेशानियां सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं. अब युवा उम्र में भी हड्डियों की कमजोरी और दर्द की शिकायत आम हो गई है. इसका सबसे बड़ा कारण है हमारी असंतुलित दिनचर्या और गलत आदतें.

कैल्शियम और विटामिन D की कमी के साथ-साथ व्यायाम की कमी, धूम्रपान, शराब, ज़्यादा सोडा पीना और नमक का अधिक सेवन ये सभी चीज़ें हड्डियों को धीरे-धीरे कमजोर करती हैं. समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यही कमजोरी आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी में बदल सकती है, जिसमें हड्डियां बहुत जल्दी टूटने लगती हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ हेल्दी चीज़ें रोज़मर्रा की डाइट में शामिल करके हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है.

1. कैल्शियम के सबसे अच्छे स्रोत
दूध, दही और पनीर हड्डियों के लिए बेहद ज़रूरी हैं. इनमें भरपूर कैल्शियम और प्रोटीन होता है जो हड्डियों की ग्रोथ और मजबूती बढ़ाता है. दूध रोज पीने से शरीर को पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन D मिलता है.

दही न सिर्फ कैल्शियम का अच्छा स्रोत है, बल्कि इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन को भी दुरुस्त रखते हैं. पनीर में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों और हड्डियों दोनों को सपोर्ट करता है.

2. हरी पत्तेदार सब्जियां
हरी सब्जियों में कैल्शियम, आयरन और विटामिन K की भरपूर मात्रा होती है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत ज़रूरी है. पालक, केल, और कोलार्ड ग्रीन्स जैसी सब्जियां कैल्शियम के साथ-साथ विटामिन K का भी अच्छा स्रोत हैं. ब्रोकली खाने से न सिर्फ कैल्शियम मिलता है बल्कि इसमें मौजूद विटामिन C हड्डियों के ऊतकों को स्वस्थ रखता है.

3. बीज और नट्स
नट्स और सीड्स में हड्डियों को मजबूत करने वाले कई पोषक तत्व होते हैं. बादाम में हेल्दी फैट्स और कैल्शियम दोनों होते हैं, जो हड्डियों को मज़बूती देते हैं. खसखस और तिल कैल्शियम के समृद्ध स्रोत हैं. चिया सीड्स ओमेगा-3 फैटी एसिड और कैल्शियम से भरपूर होते हैं, जो हड्डियों की हेल्थ के साथ-साथ जोड़ों को भी लचीला बनाते हैं.


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Written by: Taushif

29 Oct 2025  ·  Published: 11:18 IST

नींद नहीं आती? इन छोटे बदलावों से मिलेगा गहरी और सुकून भरी नींद

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Deep Sleep Tips: हमारे जीवन में नींद उतनी ही ज़रूरी है जितनी कि पानी और खाना. अगर सही नींद न मिले तो शरीर और दिमाग दोनों पर बुरा असर पड़ता है. नींद के दौरान ही शरीर खुद को रिपेयर करता है और ऊर्जा को फिर से भरता है. लेकिन आजकल भागदौड़ और तनाव भरी ज़िंदगी में कई लोग रातभर करवटें बदलते रहते हैं और सुबह थकान महसूस करते हैं.

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया, बर्कले के मशहूर न्यूरोसाइंटिस्ट और साइकोलॉजिस्ट डॉ. मैथ्यू वॉकर ने अपनी किताब Why We Sleep और रिसर्च के जरिए नींद को बेहतर बनाने के 6 खास उपाय बताए हैं. ये टिप्स खासकर उन लोगों के लिए हैं जिन्हें नींद आने में दिक्कत होती है या जो अनिद्रा से परेशान रहते हैं.

1. नींद न आए तो बिस्तर से उठ जाएं
डॉ. वॉकर का कहना है कि अगर आप 30 मिनट तक बिस्तर पर लेटे रहने के बाद भी सो नहीं पा रहे हैं, तो बिस्तर से उठ जाना चाहिए. किसी और कमरे में जाकर हल्की किताब पढ़ें या पॉडकास्ट सुनें। लेकिन इस दौरान मोबाइल या टीवी स्क्रीन से दूर रहें और न ही कुछ खाएं, क्योंकि इससे दिमाग और ज़्यादा सक्रिय हो जाता है और नींद आने की संभावना और कम हो जाती है.

2. ध्यान (Meditation) करें
अगर आधी रात को बिस्तर छोड़ना मुश्किल लगता है, तो ध्यान करना एक बेहतरीन उपाय है. रिसर्च से साबित हुआ है कि मेडिटेशन दिमाग को शांत करता है और तनाव को घटाता है, जिससे नींद जल्दी और बेहतर आती है. डॉ. वॉकर कहते हैं कि मैं वैज्ञानिक हूं लेकिन ध्यान पर मौजूद डेटा इतना प्रभावशाली है कि इसे नज़रअंदाज़ करना नामुमकिन है.

3. रोज़ एक ही समय पर सोएं और उठें
नींद को लेकर सबसे अहम बात है – नियमितता. यानी रोज़ एक ही समय पर सोना और उठना। चाहे वर्किंग डे हो या वीकेंड, एक ही रूटीन बनाए रखना नींद की क्वालिटी को बेहतर करता है. हमारा दिमाग तयशुदा पैटर्न में सबसे बेहतर तरीके से काम करता है.

4. सोने से पहले घर को अंधेरा करें
अंधेरा माहौल नींद के लिए ज़रूरी है. वॉकर के अनुसार, सोने से लगभग एक घंटे पहले अपने कमरे की रोशनी कम कर दें या ज्यादातर लाइट्स बंद कर दें. यह वातावरण शरीर को संकेत देता है कि अब आराम करने का समय है और नींद जल्दी आने लगती है.

5. कमरे का तापमान ठंडा रखें
ठंडा माहौल नींद को बढ़ावा देता है. रिसर्च के मुताबिक, सोने से पहले शरीर का तापमान लगभग 1 डिग्री कम होना चाहिए। डॉ. वॉकर सलाह देते हैं कि सोने के कमरे का तापमान 18 से 18.5 डिग्री सेल्सियस रखना नींद के लिए सबसे उपयुक्त है.

6. सोने से पहले शराब से बचें
कई लोग नींद लाने के लिए शराब का सहारा लेते हैं, लेकिन यह नुकसानदायक है. वॉकर कहते हैं कि शराब नींद की गुणवत्ता को बर्बाद कर देती है। यह आपको तुरंत बेहोश तो कर देती है, लेकिन गहरी और सुकूनभरी नींद नहीं आने देती. नतीजा यह होता है कि सुबह उठने पर थकान और चिड़चिड़ापन महसूस होता है.


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Written by: Taushif

06 Sep 2025  ·  Published: 11:34 IST