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Anxiety and Heart Health: भारत में एक पुरानी कहावत है. “चिंता चिता के समान होती है”. यह कहावत आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक है, क्योंकि लगातार चिंता यानी Anxiety हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है. काम का दबाव, आर्थिक संकट या निजी जीवन की चुनौतियां, ये सभी कारण हमारे मन को लगातार बेचैन बनाए रखते हैं. थोड़ी-बहुत चिंता सामान्य है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे तो दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
वैज्ञानिकों की राय
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, तनाव और चिंता को दिल की बीमारियों का अप्रत्यक्ष कारण माना जाता है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान उपायों से हम न केवल चिंता को कम कर सकते हैं बल्कि अपने दिल की सेहत भी मजबूत बना सकते हैं. इनमें सबसे प्रभावी उपाय है माइंडफुलनेस यानी सजगता के साथ वर्तमान पल को जीना.
1. सांस लेने का अभ्यास करें
चिंता की स्थिति में सांस तेज या धीमी हो जाती है, जिससे दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है. इसके लिए आराम से बैठकर आंखें बंद करें. नाक से गहरी सांस लेते हुए चार तक गिनें, थोड़ी देर रोकें और फिर छह तक गिनते हुए मुंह से सांस बाहर छोड़ें. इसे कुछ मिनट तक दोहराने से मन शांत होगा और दिल भी स्वस्थ रहेगा.
2. बॉडी स्कैन मेडिटेशन
चिंता अक्सर शरीर में भी महसूस होती है, जैसे कंधों में जकड़न, जबड़े में कसाव या तेज धड़कन. बॉडी स्कैन मेडिटेशन में सिर से पैर तक शरीर पर ध्यान केंद्रित किया जाता है और तनाव छोड़ने की कल्पना की जाती है. इससे नींद बेहतर होती है और दिल पर दबाव कम होता है.
3. माइंडफुल वॉकिंग
अगर लंबे समय तक बैठकर ध्यान करना कठिन लगता है तो माइंडफुल वॉक एक बेहतर विकल्प है. 10-15 मिनट तक शांत माहौल में टहलें और अपने कदमों की लय, जमीन के स्पर्श और आसपास की आवाजों पर ध्यान दें. यह अभ्यास शरीर को सक्रिय रखता है और मन को शांति देता है.
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Dates Health Benefits: खजूर एक ऐसा मीठा और स्वादिष्ट फल है जो न सिर्फ टेस्ट में बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. खजूर को नेचुरल हेल्थ बूस्टर भी कहा जाता है. खजूर के पेड़ ज्यादातर गर्म और शुष्क इलाकों में पाए जाते हैं. खजूर की खेती हजारों सालों से की जा रही है और यह खासतौर पर भारत के राजस्थान, गुजरात और पंजाब में उगाया जाता है.
इसके पोषक तत्वों की बात करें, तो खजूर में कार्बोहाइड्रेट, आयरन, फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी6 जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज होते हैं जो इसे न सिर्फ मीठा बनाते हैं, बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का भी काम करते हैं. अगर कभी आपको थकान महसूस हो तो 2–3 खजूर खा लेने से तुरंत एनर्जी मिल जाती है.
खजूर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. इसमें मौजूद फाइबर कब्ज को दूर करता है और पाचन में मदद करता है. इसके अलावा, खजूर दिल के लिए भी बहुत अच्छा होता है क्योंकि इसमें पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखती है और दिल की सेहत को बनाए रखती है. हड्डियों के लिए भी यह कमाल का फल है क्योंकि इसमें कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है.
खजूर में मौजूद आयरन खून की कमी (एनीमिया) में बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन और बालों के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं. ये त्वचा को जवां और चमकदार रखते हैं और बालों को मजबूती देते हैं. गर्भवती महिलाओं के लिए भी खजूर बहुत उपयोगी होता है क्योंकि यह उन्हें ऊर्जा और पोषण देता है.
खजूर को कई तरीकों से खाया जा सकता है. इसे डायरेक्ट ऐसे ही खाया जाता है. आप चाहें तो इसे दूध में भिगोकर या शेक, हलवा या मिठाई में भी डालकर खा सकते हैं. हालांकि, डायबिटीज के मरीज इसे सीमित मात्रा में ही खाएं, क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा अधिक होती है.
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Top 10 Healthy Foods: अगर आप चाहते हैं कि आपका शरीर हमेशा स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहे, तो सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है. हमारी रोज़ की खाने-पीने की आदतें ही हमारी सेहत को बनाती या बिगाड़ती हैं. शरीर को बीमारियों से बचाने और इम्युनिटी मजबूत करने के लिए ऐसे कई फूड्स हैं जिन्हें सुपरफूड कहा जाता है. ये चीजें न सिर्फ अंदर से शरीर को मजबूत करती हैं बल्कि लंबे समय तक हेल्दी बनाए रखने में भी मदद करती हैं. यहां हम आपको बता रहे हैं धरती की 10 सबसे हेल्दी चीजों के बारे में, जो हर किसी की डाइट का हिस्सा होनी चाहिए.
1. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, सरसों, चौलाई जैसी सब्जियों में आयरन, कैल्शियम, फाइबर और फोलेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये शरीर को डिटॉक्स करने, खून की कमी दूर करने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं. पाचन को बेहतर करने में भी इनका बड़ा रोल होता है.
2. बेरीज
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रास्पबेरी जैसे फल एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन C और फाइबर का अच्छा स्रोत होते हैं. ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, दिमाग को तेज बनाते हैं और त्वचा को जवां बनाए रखते हैं.
3. क्रूसीफेरस सब्जियां
ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी और ब्रसेल्स स्प्राउट्स जैसी सब्जियों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को कैंसर, हार्ट डिजीज और अन्य गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं. इन सब्जियों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं.
4. नट्स और सीड्स
बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, फ्लैक्ससीड्स और कद्दू के बीज जैसे ड्रायफ्रूट्स और सीड्स ओमेगा-3 फैटी एसिड, हेल्दी फैट्स और प्रोटीन से भरपूर होते हैं. ये दिल को मजबूत रखते हैं, दिमाग को तेज करते हैं और वजन को भी कंट्रोल में रखने में मददगार हैं.
5. शकरकंद
शकरकंद एक मीठी जड़ वाली सब्जी है, जिसमें बीटा-कैरोटीन, फाइबर और पोटैशियम होता है. यह डाइजेशन के लिए अच्छी मानी जाती है, ब्लड शुगर को नियंत्रित करती है और वजन घटाने में भी सहायक है.
6. एवोकाडो
एवोकाडो को हेल्दी फैट्स का बेहतरीन स्रोत माना जाता है. इसमें पोटैशियम, विटामिन E और फाइबर होता है. यह दिल, दिमाग और त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है. एवोकाडो का सेवन हेल्दी कोलेस्ट्रॉल बनाए रखने में भी मदद करता है.
7. अंडा
अंडे को संपूर्ण प्रोटीन का स्रोत कहा जाता है क्योंकि इसमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं. इसके अलावा, यह विटामिन B12, विटामिन D, जिंक और कोलीन से भी भरपूर होता है. मांसपेशियों की वृद्धि और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अंडा एक शानदार विकल्प है.
8. दालें और फलियां
मसूर, मूंग, चना, राजमा जैसी दालें और फलियां प्रोटीन, फाइबर और आयरन का अच्छा स्रोत होती हैं. ये न सिर्फ एनर्जी देती हैं बल्कि ब्लड शुगर कंट्रोल में रखने और लंबे समय तक भूख न लगने में मदद करती हैं. वेजिटेरियन लोगों के लिए ये प्रोटीन का बेस्ट ऑप्शन हैं.
9. लहसुन
लहसुन एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है. इसमें मौजूद एलिसिन नामक तत्व बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने की क्षमता रखता है। यह हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है.
10. दही
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं. इसमें कैल्शियम और प्रोटीन भी होता है, जो हड्डियों को मजबूत करता है. रोज़ाना दही खाने से पेट की समस्याएं कम होती हैं और इम्युनिटी बेहतर रहती है.
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Protein in Urine: मांसपेशियों की अच्छी ग्रोथ और मस्तिष्क के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है. शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए हम दाल, पनीर, सोयाबीन या मांसाहारी भोजन का सेवन करते हैं, लेकिन क्या हो अगर शरीर में मौजूद प्रोटीन यूरिन के रास्ते से बाहर आने लगे? इस परिस्थिति को प्रोटीन्यूरिया कहा जाता है, जो आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों में गंभीर समस्या बताई गई है.
जब किडनी में किसी तरह की समस्या होती है, तो पानी को फिल्टर करने के दौरान किडनी तय मात्रा से ज्यादा प्रोटीन मूत्र के साथ बाहर निकाल देती है. इससे संक्रमण का खतरा भी बना रहता है. आयुर्वेद में इस स्थिति को वात और कफ के बढ़ने से जोड़कर देखा गया है. ये परिस्थिति किडनी और फिर धीरे-धीरे बाकी अंगों को भी प्रभावित करने लगती है.
प्रोटीन्यूरिया होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है, जैसे पेशाब अत्याधिक पीला और झाग के साथ आता है, यूरिन मार्ग में संक्रमण बढ़ने लगता है, आंखों और पैरों में सूजन आने लगती है, किडनी पर सूजन आ जाती है. इसमें इंफेक्शन के साथ बुखार भी होने लगता है. आयुर्वेद में प्रोटीन्यूरिया से बचने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं, जिससे काफी हद तक प्रोटीन्यूरिया से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है.
प्रोटीन्यूरिया से बचने के लिए किडनी का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है, ऐसे में किडनी और पूरे शरीर को डिटॉक्स करना होगा. इसके लिए पुनर्नवा चूर्ण या रस का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए सुबह खाली पेट पुनर्नवा चूर्ण या रस का सेवन करें. गोखरू चूर्ण भी इस स्थिति से राहत देने में मदद करता है. गोखरू चूर्ण में सूजन कम करने के गुण होते हैं, जो किडनी की सूजन को कम कर उसकी कार्यक्षमता को बढ़ाता है। इसका सेवन भी सुबह खाली पेट किया जा सकता है.
इसके अलावा, त्रिफला चूर्ण भी लाभकारी होता है, इससे पाचन की शक्ति बढ़ती है और किडनी पर वर्कलोड कम करता है. त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल सुबह और शाम दोनों समय किया जा सकता है. इसके अलावा, आहार में भी बदलाव करना जरूरी होगा. प्रोटीन्यूरिया की स्थिति में कम नमक वाले आहार का सेवन करना अच्छा रहता है. इसके अलावा, लौकी, तोरी, टिंडा और मूंग दाल का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए. इससे शरीर में फाइबर और प्रोटीन दोनों अच्छी मात्रा में बने रहते हैं.