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Gluten Allergy Diet Options: आजकल लोगों की लाइफस्टाइल और खाने-पीने की आदतों में तेजी से बदलाव आया है. बाहर का खाना, पैक्ड फूड और फास्ट फूड रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं. यही कारण है कि अलग-अलग तरह की हेल्थ प्रॉब्लम बढ़ने लगी हैं. इनमें से एक आम समस्या है ग्लूटेन एलर्जी. ग्लूटेन एक तरह का प्रोटीन है, जो गेहूं, जौ और राई जैसे अनाजों में पाया जाता है. जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी होती है, उनके शरीर में इसे पचाने की क्षमता कम हो जाती है. ऐसे लोग जब गेहूं या जौ से बनी चीजें खाते हैं तो उन्हें पाचन संबंधी दिक्कतें, थकान, कमजोरी, पेट फूलना या स्किन रैश जैसी परेशानियां हो सकती हैं.
अक्सर लोग सोचते हैं कि ग्लूटेन एलर्जी होने के बाद उनकी डाइट बोरिंग और बहुत सीमित हो जाएगी. उन्हें लगेगा कि अब स्वादिष्ट खाना उनके लिए मना हो गया है. लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. सही जानकारी और थोड़ी-सी क्रिएटिविटी के साथ आप भी टेस्टी और हेल्दी ग्लूटेन-फ्री फूड खा सकते हैं.
दिल्ली के धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. गौरव जैन के मुताबिक, “अगर लोग सही फूड्स के बारे में जान लें तो उन्हें पता चलेगा कि ग्लूटेन-फ्री डाइट भी स्वादिष्ट और पौष्टिक हो सकती है.” डॉ. जैन ने कुछ ऐसे फूड्स बताए हैं जो न सिर्फ ग्लूटेन-फ्री डाइट को आसान बनाते हैं, बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी देते हैं.
1. ब्राउन राइस
ग्लूटेन एलर्जी वाले लोगों के लिए ब्राउन राइस एक बेहतरीन विकल्प है. यह कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है और सफेद चावल की तुलना में ज्यादा फाइबर देता है. ब्राउन राइस जल्दी डाइजेस्ट होते हैं और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं. इसे आप दाल, सब्जी या सूप के साथ खा सकते हैं.
2. क्विनोआ
क्विनोआ आजकल सुपरफूड के तौर पर काफी लोकप्रिय है. यह ग्लूटेन-फ्री होने के साथ-साथ प्रोटीन और जरूरी अमीनो एसिड से भरपूर है. इसमें मौजूद मिनरल्स हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं. क्विनोआ से आप सलाद, खिचड़ी, पुलाव या यहां तक कि स्नैक भी तैयार कर सकते हैं.
3. अंडे
ग्लूटेन-फ्री डाइट में प्रोटीन के लिए अंडे बेहतरीन विकल्प हैं. यह न सिर्फ सस्ते हैं, बल्कि इन्हें बनाना भी आसान है. अंडों में प्रोटीन के साथ विटामिन D, B6, B12 और कई जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर को ताकत और इम्यूनिटी देने में मदद करते हैं.
4. नट्स और सीड्स
बादाम, अखरोट, काजू, अलसी के बीज, चिया सीड्स और सूरजमुखी के बीज जैसे नट्स और सीड्स प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और फाइबर का शानदार स्रोत हैं. ये दिमाग की सेहत, एनर्जी और इम्यून सिस्टम के लिए भी फायदेमंद हैं. इन्हें आप सुबह के नाश्ते में, स्मूदी में या शाम के स्नैक के तौर पर खा सकते हैं.
5. शकरकंद
शकरकंद फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है. यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के साथ पाचन में भी मदद करता है. आप इसे उबालकर, रोस्ट करके या स्नैक की तरह खा सकते हैं. खासतौर पर सर्दियों के मौसम में शकरकंद बेहद हेल्दी और स्वादिष्ट विकल्प है.
ग्लूटेन-फ्री डाइट को मजेदार बनाने के टिप्स
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Healthy Liver Diet: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और खराब खान-पान और बढ़ते तनाव का सीधा असर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक, लिवर पर पड़ता है। लिवर न सिर्फ़ पाचन में मदद करता है, बल्कि शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने, पोषक तत्वों को संग्रहित करने और मेटाबॉलिज़्म को नियंत्रित करने में भी बेहद अहम है। अगर लिवर कमज़ोर हो जाए, तो शरीर कई बीमारियों का घर बन सकता है। इसलिए, लिवर को स्वस्थ रखने के लिए अपनी जीवनशैली में कुछ खास खान-पान की आदतों को शामिल करना बेहद ज़रूरी है।
1. हरी सब्ज़ियां और फाइबर युक्त आहार
ब्रोकोली, पालक, बीन्स और हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ फाइबर से भरपूर होती हैं जो लिवर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करती हैं। फाइबर शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है और लिवर पर भार कम करता है। क्रूसिफेरस सब्ज़ियाँ (ब्रोकोली, फूलगोभी) ख़ास तौर पर लिवर में एंजाइम्स को सक्रिय करती हैं जो विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं।
2. हल्दी और अदरक का सेवन
हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन लिवर की सूजन को कम करने में कारगर है। यह एक प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर के रूप में काम करता है। रोज़ाना गुनगुने पानी में एक चुटकी हल्दी और थोड़ा सा अदरक मिलाकर पीने से लिवर की कार्यक्षमता में सुधार होता है।
3. कॉफ़ी (संतुलित मात्रा में)
शोध से पता चला है कि कॉफ़ी लिवर के लिए फायदेमंद हो सकती है, बशर्ते इसे सीमित मात्रा में (दिन में 1-2 कप) पिया जाए। यह लिवर में जमा वसा और सूजन को कम करने में मदद करती है और लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियों से बचाती है।
4. एवोकाडो, मेवे और स्वस्थ वसा
एवोकाडो, अखरोट, बादाम जैसे खाद्य पदार्थों में मौजूद स्वस्थ फैटी एसिड लिवर की सूजन को कम करते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं। ये लिवर की कोशिकाओं की मरम्मत और उन्हें मज़बूत बनाने में मददगार होते हैं।
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आजकल दिल की बीमारियां सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवा और मिड-एज लोग भी हार्ट ब्लॉकेज जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजहें हैं – खराब खानपान, भागदौड़ भरी ज़िंदगी और बढ़ता तनाव लेकिन अच्छी खबर ये है कि अगर आप कुछ जरूरी सब्जियों को अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करें, तो दिल को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
गाजियाबाद के जिला अस्पताल में कार्यरत डायटिशियन डॉ. अनामिका सिंह कहती हैं कि कुछ सब्जियां दिल की धमनियों को साफ रखने में अहम भूमिका निभा सकती हैं. खासतौर पर लहसुन, ब्रोकली और पालक. आइए जानते हैं कैसे...
लहसुन में पाया जाने वाला तत्व ऐलिसिन (Allicin) शरीर में कोलेस्ट्रॉल कम करता है, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में लाता है और धमनियों में जमा फैट को धीरे-धीरे साफ करता है. रोज सुबह खाली पेट 1-2 कली कच्चे लहसुन चबाकर खाने से ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा कम हो सकता है.
ब्रोकली में फाइबर, विटामिन C और K, और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं जो धमनियों की दीवारों को मजबूत बनाते हैं और सूजन कम करते हैं. यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और दिल को हेल्दी बनाए रखता है. इसे भाप में हल्का पकाकर या सलाद में मिलाकर खा सकते हैं.
पालक में नाइट्रेट, फोलिक एसिड और आयरन की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड बनाता है. यह ब्लड फ्लो को बेहतर करता है और धमनियों को खोलने में मदद करता है. पालक की सब्जी, सूप या जूस के रूप में नियमित सेवन करें.
सिर्फ खाने से ही नहीं, बल्कि तनाव को कम करना, नियमित व्यायाम करना, और समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाना भी जरूरी है. जंक फूड से दूरी और नींद पूरी करना भी दिल को हेल्दी रखने में मदद करता है.
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Mustard Oil For Hair Growth: एक समय था जब घरों में बालों की देखभाल के लिए सबसे पहला नाम सरसों के तेल का लिया जाता था. नानी-दादी के नुस्खों में यह गाढ़ा और तेज़ महक वाला तेल हमेशा शामिल होता था. सरसों का तेल सिर की त्वचा को हल्की गर्माहट देता है और बालों की जड़ों को मज़बूत बनाता है. यही वजह है कि सदियों से यह पतले और कमजोर बालों को जीवन देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.
आज भी अगर सरसों के तेल को रसोई में रखी कुछ दूसरी चीज़ों के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाए तो इसका असर कई गुना बढ़ जाता है. हम आपको ऐसे ही 5 आसान और असरदार घरेलू नुस्खे बता रहे हैं, जिनकी मदद से बालों का झड़ना कम होगा, जड़ें मजबूत होंगी और नए बाल भी उगने लगेंगे.
1. प्याज का रस और सरसों का तेल
प्याज की तेज़ गंध भले ही सबको पसंद न आए, लेकिन बालों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है. प्याज में मौजूद सल्फर कोलाजेन प्रोडक्शन को बढ़ाता है और बालों के फॉलिकल्स को सक्रिय करता है. इसके लिए प्याज का रस और हल्का गर्म सरसों का तेल बराबर मात्रा में मिलाएं. इस मिश्रण को सिर पर लगाकर 30-40 मिनट छोड़ दें और फिर धो लें. नियमित इस्तेमाल से बाल मजबूत होते हैं और नए बाल उगने लगते हैं.
2. मेथी के दाने और सरसों का तेल
मेथी में प्रोटीन और निकोटिनिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है, जो बालों की जड़ों को पोषण देता है. इसके लिए मेथी के दाने रातभर पानी में भिगोकर पेस्ट बना लें और उसमें सरसों का तेल मिलाकर सिर पर लगाएं. 45 मिनट बाद बाल धो लें. यह मास्क बालों के झड़ने को कम करता है और उन्हें मजबूत बनाता है.
3. एलोवेरा और सरसों का तेल
एलोवेरा सिर की स्किन को ठंडक और आराम देता है, जबकि सरसों का तेल गर्माहट और स्टिम्युलेशन प्रदान करता है. दोनों मिलकर सिर की त्वचा की इंफ्लेमेशन कम करते हैं, रूसी हटाते हैं और बालों के विकास में मदद करते हैं. ताजा एलोवेरा जेल सरसों के तेल में मिलाएं, हल्के हाथों से मालिश करें और 30 मिनट बाद धो लें.
4. करी पत्ता और सरसों का तेल
करी पत्ते एंटीऑक्सीडेंट्स और बीटा-कैरोटीन से भरपूर होते हैं. ये बालों के विकास को बढ़ावा देने के साथ सफेद बालों की समस्या को भी कम करते हैं. इसके लिए सरसों के तेल में करी पत्ते भूनकर तेल तैयार करें और हफ्ते में दो बार सिर पर मालिश करें. यह बालों को घना और मजबूत बनाएगा.
5. गुड़हल (हिबिस्कस) और सरसों का तेल
गुड़हल के फूल और पत्ते बालों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. यह बालों में केराटिन उत्पादन को बढ़ावा देते हैं, जिससे बाल घने और चमकदार बनते हैं. गुड़हल को पीसकर सरसों के तेल में मिलाएं और स्कैल्प पर लगाएं. 40-45 मिनट बाद धो लें. नियमित इस्तेमाल से बालों का झड़ना कम होगा और उनमें प्राकृतिक चमक लौट आएगी.