How to start Datacenter or Domain and hosting business ?
Top Digital Marketing Companies
Top Flutter App Development Companies
How to earn money Online ?
How to start Ecommerce business ?
इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
BBDS App Download
× Bindass Bol Home About News Contact Search

मधुमेह रोगियों के लिए क्यों जरूरी है भोजन प्लेट फॉर्मूला? जानिए फायदे

File

फाइल फोटो

Diabetes diet plan: मधुमेह में दवा लेने के साथ-साथ खाने का सही संतुलन भी बहुत जरूरी है. खाने का सही अनुपात होने पर ब्लड शुगर स्थिर रहता है और वजन भी नियंत्रित रहता है. इसी संतुलन को बनाए रखने का आसान तरीका 'प्लेट फॉर्मूला' है. इसमें थाली को तीन हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें आधा हिस्सा सब्जियों का, चौथाई प्रोटीन का और चौथाई मिलेट्स या कार्ब्स का होता है. यह तरीका इंसुलिन स्पाइक को कम करता है और शुगर धीरे-धीरे बढ़ती है.

सब्जियों का हिस्सा थाली का सबसे बड़ा होता है. सब्जियों में फाइबर भरपूर होता है, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करता है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है. करेले, लौकी, मेथी, पालक, ब्रोकली, खीरा, गाजर जैसी सब्जियां सबसे बेहतर हैं. कच्ची और पकी दोनों शामिल की जा सकती हैं. प्रोटीन थाली का चौथाई हिस्सा होना चाहिए. प्रोटीन ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है, मसल्स को मजबूत रखता है और भूख को नियंत्रित करता है. दालें, उड़द-मूंग, घर का बना पनीर, अंकुरित दालें, अंडा या चिकन अच्छे विकल्प हैं.

बाकी चौथाई मिलेट्स या लो-कार्बोहाइड्रेट का होता है। ज्वार, बाजरा, रागी, कुटकी, कांगनी या ब्राउन राइस जैसे मिलेट्स शुगर को धीरे बढ़ाते हैं और शरीर को स्थिर ऊर्जा देते हैं. मिलेट रोटी, खिचड़ी और उपमा बढ़िया विकल्प हैं. प्लेट फॉर्मूला को अपनाना आसान है. थाली को आधा सब्जियों से, चौथाई प्रोटीन से और बाकी मिलेट्स से भरें. खाने के साथ पानी कम लें और धीरे-धीरे खाएं. आयुर्वेद कहता है कि खाने का चित्त और मानसिक स्थिति भी स्वास्थ्य पर असर डालती है.

थाली को रंगीन बनाएं, हर भोजन में कम से कम 2-3 सब्जियां लें, सलाद खाने से पहले खाएं, रात का भोजन हल्का रखें और तेल, नमक व प्रोसेस्ड फूड कम करें. दिन में 20-30 मिनट वॉक और तनाव कम करना भी जरूरी है क्योंकि तनाव ब्लड शुगर बढ़ा सकता है. यह केवल सामान्य जानकारी है. किसी भी आयुर्वेदिक दवा या फॉर्मूला को अपनाने से पहले योग्य वैद्य से सलाह जरूर लें.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

26 Nov 2025  ·  Published: 10:40 IST

जवान और ग्लोइंग स्किन चाहते हैं? इन 5 फेवरेट फूड्स से करें दूरी, वरना बढ़ जाएगी झुर्रियां

File

फाइल फोटो

Foods That Cause Wrinkles: आजकल हर कोई जवान और खूबसूरत दिखना चाहता है. इसके लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स, ट्रीटमेंट्स और घरेलू नुस्खे अपनाते हैं लेकिन असली फर्क हमारी डाइट से पड़ता है. हम जो खाते-पीते हैं वही हमारे हेल्थ और स्किन पर असर डालता है. कई बार हम ऐसी चीजें खा लेते हैं जो स्वाद में तो बेहतरीन लगती हैं लेकिन वे हमारी स्किन को डल और बेजान बना देती हैं. यही नहीं, ये फूड्स एजिंग प्रोसेस को भी तेज कर देते हैं, जिससे चेहरे पर झुर्रियां और ढीलापन जल्दी नजर आने लगता है. आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में, जिन्हें हमें रोजमर्रा की डाइट से दूर रखना चाहिए.

1. आइसक्रीम 
खुशियों का जश्न हो और आइसक्रीम ना हो, ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है लेकिन ये मीठी ठंडक हमारी स्किन के लिए उतनी अच्छी नहीं है. आइसक्रीम में शुगर और फैट दोनों ही भरपूर मात्रा में होते हैं. ये दोनों मिलकर शरीर में ग्लाइकेशन प्रोसेस को तेज कर देते हैं. इस प्रक्रिया से कोलेजन प्रोटीन कमजोर पड़ने लगता है, जो स्किन को टाइट और यंग बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. नतीजा यह होता है कि स्किन ढीली हो जाती है और चेहरे पर झुर्रियां जल्दी आने लगती हैं. कभी-कभार आइसक्रीम खाना नुकसानदेह नहीं है, लेकिन इसे रोजाना खाना स्किन और सेहत दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

2. सोडा 
गर्मी में ठंडी बोतल वाला सोडा भले ही ताजगी का अहसास कराए, लेकिन हकीकत में यह स्किन और बॉडी को नुकसान पहुंचाता है. सोडा में शुगर और फॉस्फोरिक एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है. ये हड्डियों और दांतों को कमजोर करते हैं और ब्लड शुगर लेवल को असंतुलित कर देते हैं. जब शरीर में शुगर का स्तर बढ़ता है तो स्किन पर ग्लो कम हो जाता है और चेहरा डल दिखने लगता है. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपकी स्किन हेल्दी और चमकदार दिखे, तो सोडा जैसे कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से दूरी बनाना ही बेहतर है.

3. पैक्ड फ्रूट जूस 
अक्सर लोग मानते हैं कि फ्रूट जूस हेल्दी होता है, लेकिन हकीकत कुछ और है. मार्केट में मिलने वाले ज्यादातर पैक्ड जूस में बहुत ज्यादा शुगर होती है और इनमें पूरे फल जैसा फाइबर नहीं होता. फाइबर की कमी की वजह से शरीर शुगर को बहुत तेजी से अब्जॉर्ब करता है. इसका असर इंसुलिन पर पड़ता है और शरीर में सूजन बढ़ जाती है. यही वजह है कि पैक्ड जूस ज्यादा पीने वालों की स्किन जल्दी ढीली पड़ने लगती है. अगर आप सच में हेल्दी रहना चाहते हैं तो पैक्ड जूस की जगह ताजे फल खाएं. इसमें फाइबर भी मिलेगा और एजिंग प्रोसेस भी स्लो हो जाएगी.

4. अल्कोहल
अल्कोहल का असर सिर्फ लीवर पर ही नहीं, बल्कि स्किन पर भी नजर आता है. बार-बार शराब पीने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है और विटामिन A की कमी हो जाती है. विटामिन A स्किन रिपेयर और सेल ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से स्किन डल, बेजान और कमजोर हो जाती है. इसके अलावा अल्कोहल लीवर को भी नुकसान पहुंचाता है, जिससे शरीर से टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते. नतीजा यह होता है कि स्किन पर पिंपल्स, झुर्रियां और उम्र से पहले बूढ़ापन नजर आने लगता है.

5. आर्टिफिशियल स्वीटनर 
कई लोग चीनी से बचने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन रिसर्च बताती है कि ये स्वीटनर गट हेल्थ को बिगाड़ सकते हैं और हेल्दी बैक्टीरिया को मार सकते हैं. इससे मीठा खाने की क्रेविंग और बढ़ जाती है और मेटाबॉलिक स्ट्रेस भी बढ़ने लगता है. लंबे समय में इसका असर चेहरे पर दिखता है, जहां झुर्रियां और ढीलापन जल्दी आने लगता है. यानी कैलोरी बचाने के चक्कर में लोग अपनी स्किन का नुकसान कर बैठते हैं.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

04 Sep 2025  ·  Published: 19:31 IST

अंडे खाने वाले हो जाए सावधान, वरना हो जाएंगे गंभीर बीमारी के शिकार; H5N1 बर्ड फ्लू का बढ़ा खतरा

File

फाइल फोटो

बर्ड फ्लू: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के एक पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू (H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामले सामने आने के बाद पूरे राज्य में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं. बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के साथ-साथ अब बर्ड फ्लू ने भी चिंता बढ़ा दी है.

क्या अंडे खाना बर्ड फ्लू में सुरक्षित है?
बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करने वाला वायरस है, लेकिन कभी-कभी यह इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है. हैदराबाद के मेडिकल एडवाइजर और टेलीमेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मुरली भास्कर एम (MBBS, FDM) के मुताबिक, संक्रमित मुर्गियों के अंडों में भी यह वायरस मौजूद हो सकता है, लेकिन इसकी संभावना बहुत कम होती है. डॉ. भास्कर का कहना है कि अगर अंडों को सही तरीके से पकाया जाए, तो वायरस पूरी तरह नष्ट हो जाता है और उन्हें खाना सुरक्षित हो जाता है.

अंडे को सुरक्षित तरीके से पकाने के टिप्स
1.    अंडे अच्छी तरह पकाएं – अंडे का योक (पीला हिस्सा) लिक्विड नहीं, बल्कि पूरी तरह सॉलिड होना चाहिए। वायरस और बैक्टीरिया को मारने के लिए तापमान कम से कम 74°C (165°F) होना चाहिए.
2.    हाथ धोएं – कच्चे अंडे को छूने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोएं.
3.    बर्तनों की सफाई करें – जिन बर्तनों, चम्मच या सतह पर कच्चे अंडे रखे गए हों, उन्हें तुरंत गर्म पानी और साबुन से साफ करें.
4.    अलग रखें – कच्चे अंडों को फलों, सब्जियों और पके हुए खाने से अलग रखें ताकि संक्रमण का खतरा न हो.
5.    अलग बर्तन इस्तेमाल करें – चिकन और अंडों के लिए अलग कटिंग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल करें.

रिसर्च में सामने आया नया खतरा
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के बायोकेमिस्ट्री विभाग के डॉ. केशवर्धन सन्नुला की टीम ने H5N1 वायरस के 2.3.4.4b क्लेड पर अध्ययन किया है. यह स्ट्रेन वर्तमान में दुनिया के कई देशों में फैल रहा है और पक्षियों की कई प्रजातियों को संक्रमित कर चुका है. रिसर्च में पाया गया कि इस स्ट्रेन में ऐसे जेनेटिक म्यूटेशन हैं, जो पहले महामारी फैला चुके फ्लू वायरसों में देखे गए थे. इन बदलावों के कारण यह वायरस इंसानों को अधिक आसानी से संक्रमित कर सकता है.

बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय
1.    पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के संपर्क से बचें, खासकर बर्ड फ्लू प्रभावित इलाकों में.
2.    कच्चा या अधपका मांस और अंडे न खाएं.
3.    रसोई में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें.
4.    बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

15 Aug 2025  ·  Published: 16:35 IST

महिलाओं के लिए 5 आयुर्वेदिक सुपरफूड, जो शरीर को देंगे अंदरूनी ताकत

File

फाइल फोटो

Superfoods for Women: आज के दौर में महिलाएं न सिर्फ घर और बाहर की जिम्मेदारियां संभालती हैं बल्कि उनका शरीर भी भीतर से कई अहम भूमिकाएं निभाता है. हार्मोन संतुलन बनाए रखना, हड्डियों को मजबूत करना, मानसिक शांति देना, मां बनने की तैयारी करना और उम्र के साथ होने वाले बदलावों को सहन करना. ये सब एक महिला का शरीर रोज़ करता है. इसके बावजूद कई महिलाएं थकान, तनाव, सूजन (इंफ्लेमेशन) और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं से जूझती हैं. इसका मुख्य कारण कमजोरी नहीं, बल्कि पोषण की कमी है. जब शरीर की जड़ों तक सही पोषण नहीं पहुंचता, तो असंतुलन और परेशानी महसूस होने लगती है.

आयुर्वेद में महिलाओं के शरीर को बेहद पवित्र और शक्तिशाली माना गया है. यही वजह है कि आयुर्वेद रोजाना पोषण और संतुलन पर ज़ोर देता है. अगर महिलाएं अपनी डाइट में कुछ विशेष सुपरफूड शामिल करें तो उनका स्वास्थ्य लंबे समय तक बेहतर रह सकता है. आइए जानते हैं ऐसे ही पांच सुपरफूड के बारे में...

1. शतावरी
शतावरी को आयुर्वेद में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए सबसे खास माना गया है. यह न केवल प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और हार्मोन संतुलन में भी मदद करता है. शतावरी शरीर को ठंडक देती है, जिससे पीरियड्स में ज्यादा रक्तस्राव, पेट में जलन या चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. इसे रात में गर्म दूध के साथ लेने से शरीर को गहरी नींद भी आती है और मन शांत रहता है.

2. काला तिल
काले तिल कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं. यह हड्डियों को मज़बूती देने के साथ-साथ हार्मोन को संतुलित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. खासकर डिलीवरी के बाद और मेनोपॉज़ के समय यह महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद हैं. इन्हें सब्ज़ियों या चावल में भूनकर मसाले की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। नियमित सेवन से यह न केवल शरीर को ताकत देते हैं बल्कि बालों और त्वचा की सेहत भी बनाए रखते हैं.

3. आंवला
आंवला विटामिन C का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत माना जाता है. यह बाल, त्वचा, इम्यून सिस्टम और पाचन तंत्र के लिए वरदान है. एक्ने की समस्या हो या बालों का झड़ना, आंवला हर तरह से मदद करता है. सुबह आंवला जूस पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और स्किन ग्लो करने लगती है. आंवले को अचार, चटनी या मुरब्बे के रूप में भी डाइट में शामिल किया जा सकता है.

4. रागी 
रागी को ‘कैल्शियम का पावरहाउस’ कहा जाता है. इसमें आयरन और अमीनो एसिड भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह न केवल हड्डियों की मज़बूती के लिए जरूरी है बल्कि नींद की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है. मेनोपॉज़ के बाद जब महिलाओं की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, उस समय रागी बेहद लाभकारी होती है. इसे खिचड़ी, रोटी या दलिया बनाकर आसानी से खाया जा सकता है.

5. घी
घी भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है और आयुर्वेद में इसे अमृत समान माना गया है. यह शरीर के ऊतकों को पोषण देता है, तनाव कम करता है और पाचन को मजबूत बनाता है. ड्राई स्किन की समस्या हो या नींद की कमी, घी दोनों में मदद करता है. रात को दूध में थोड़ा सा जायफल और घी मिलाकर पीने से नींद गहरी आती है और मन शांत रहता है.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

17 Aug 2025  ·  Published: 11:41 IST