How to start Datacenter or Domain and hosting business ?
Top Digital Marketing Companies
Top Flutter App Development Companies
How to earn money Online ?
How to start Ecommerce business ?
इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
BBDS App Download
× Bindass Bol Home About News Contact Search

दिल्ली-NCR में जहरीली हवा, क्या अब सुबह की सैर छोड़ देनी चाहिए?

प्रतीकात्मक फोटो

फाइल फोटो

दिवाली के बाद से दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है. पराली जलाने, धूल, धुआं और मौसम में ठहराव के कारण प्रदूषण का स्तर बेहद बढ़ गया है. हवा में मौजूद जहरीले कणों से सांस लेने में दिक्कत, खांसी, एलर्जी और सीने में जलन जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.

क्या अब सुबह की सैर बंद करनी चाहिए?
डॉक्टरों का कहना है कि इस समय दिल्ली-NCR की हवा बेहद खराब है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दिल या फेफड़े के मरीजों के लिए. ऐसे में सुबह-सुबह टहलने जाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. दरअसल, सुबह के वक्त हवा में नमी और ठंडक ज्यादा होती है, जिससे प्रदूषण के कण नीचे जमा रहते हैं. ऐसे में जो लोग ताजी हवा समझकर मॉर्निंग वॉक पर निकलते हैं, वे वास्तव में प्रदूषित हवा में सांस ले रहे होते हैं.

क्या रात में टहलना सुरक्षित है?
शाम या रात के समय भी टहलना बहुत सुरक्षित नहीं है. रात को तापमान गिरने से धुंध बनती है और हवा में मौजूद धूल व प्रदूषक तत्व नीचे आ जाते हैं. इससे सांस की परेशानी बढ़ सकती है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि इस दौरान सुबह और शाम के वक्त बाहर निकलने से बचें और घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें.

वॉक का सही समय क्या है?
अगर आप अपने वॉक का रूटीन नहीं छोड़ सकते, तो कोशिश करें कि लेट मॉर्निंग यानी सुबह 8-9 बजे के बाद टहलने जाएं. इस समय सूरज की रोशनी प्रदूषण को थोड़ा कम करती है और हवा कुछ साफ हो जाती है. बाहर निकलते समय N95 या FFP2 मास्क जरूर पहनें ताकि हानिकारक कणों से फेफड़े सुरक्षित रहें.

सेहत के लिए अपनाएं ये उपाय

सुबह और शाम खिड़कियां बंद रखें

घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें

घर के अंदर योग या हल्की एक्सरसाइज करें

गले में जलन, सीने में जकड़न या थकान महसूस होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें

वायु प्रदूषण का असर सिर्फ बाहर नहीं, बल्कि शरीर के अंदर भी होता है. इसलिए इस मौसम में अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहें.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

07 Nov 2025  ·  Published: 11:51 IST

उम्र बढ़ने पर हड्डियों को कैसे रखें मजबूत? जानिए आसान उपाय

File

फाइल फोटो

Strong Bones: हड्डियां हमारे शरीर की आधारशिला होती हैं। ये न केवल हमारे शरीर को आकार और सहारा देती हैं, बल्कि हमारे महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाती हैं. इसलिए हड्डियों को मजबूत बनाए रखना हर उम्र में ज़रूरी है. उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, जिससे फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है लेकिन अच्छी डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल से इन्हें मजबूत रखा जा सकता है.

1. कैल्शियम से भरपूर आहार अपनाएं
कैल्शियम हड्डियों की संरचना का प्रमुख हिस्सा है. यह हड्डियों के विकास और उन्हें मजबूत बनाए रखने में बेहद सहायक होता है. दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक, मेथी), फोर्टिफाइड अनाज, सोया उत्पाद और छोटी हड्डी वाली मछलियों में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. रोजाना कैल्शियम युक्त आहार लेने से हड्डियों का घनत्व बेहतर बना रहता है और टूटने की संभावना कम हो जाती है.

2. विटामिन D की कमी न होने दें
विटामिन D, कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है. अगर शरीर में इसकी कमी हो, तो चाहे कैल्शियम जितना भी ले लिया जाए, उसका असर नहीं दिखेगा. विटामिन D का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी है. इसके अलावा अंडे की ज़र्दी, फेटी फिश (जैसे साल्मन, टूना) और फोर्टिफाइड दूध/अनाज में भी यह पोषक तत्व मिलता है.

3. अन्य ज़रूरी पोषक तत्व
हड्डियों की मजबूती के लिए केवल कैल्शियम और विटामिन D ही नहीं, बल्कि मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, विटामिन K और प्रोटीन भी ज़रूरी हैं. ये पोषक तत्व हड्डियों की मजबूती बढ़ाने, उनके निर्माण और मरम्मत में मदद करते हैं. नट्स, बीज, साबुत अनाज और हरी सब्जियां इनका अच्छा स्रोत हैं.

4. नियमित एक्सरसाइज करें
व्यायाम न केवल हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ाता है. रोजाना वॉक करना, सीढ़ियां चढ़ना, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, डांस, टेनिस और बास्केटबॉल जैसे एक्टिविटीज़ हड्डियों पर सही दबाव डालती हैं, जिससे उनमें मजबूती आती है. वेट-बेयरिंग और रेजिस्टेंस एक्सरसाइज मांसपेशियों को भी मजबूत करती हैं, जिससे हड्डियों पर तनाव कम होता है.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

08 Aug 2025  ·  Published: 06:34 IST

ज्यादा विटामिन D लेना क्यों खतरनाक है? जानिए कितनी मात्रा है आपके लिए सही

File

फाइल फोटो

Vitamin D Overdose: विटामिन D हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है. इसे अक्सर “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है, क्योंकि इसकी मुख्य स्रोत सूरज की रोशनी है. जब हमारी त्वचा सूरज की किरणों के संपर्क में आती है तो शरीर खुद विटामिन D बनाता है. इसके अलावा, कुछ खाद्य पदार्थ जैसे अंडा, मछली, दूध और सप्लीमेंट्स भी विटामिन D का स्रोत हैं. यह हड्डियों को मजबूत बनाने, इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखने और समग्र स्वास्थ्य के लिए अहम भूमिका निभाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही विटामिन D अगर जरूरत से ज्यादा मात्रा में लिया जाए तो यह सेहत के लिए खतरनाक और यहां तक कि जानलेवा भी हो सकता है?

ब्रिटेन में बुजुर्ग की मौत ने किया सभी को हैरान
साल 2024 में ब्रिटेन से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया. यहां 89 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी और इसकी वजह डॉक्टरों ने विटामिन D का ओवरडोज़ बताया. जांच में सामने आया कि बुजुर्ग लंबे समय से ज्यादा मात्रा में विटामिन D सप्लीमेंट ले रहे थे. धीरे-धीरे उनके खून में कैल्शियम का स्तर इतना बढ़ गया कि हार्ट और किडनी ने काम करना बंद कर दिया. यह घटना साफ करती है कि “जरूरत से ज्यादा” विटामिन D हमारे शरीर के लिए किसी जहर से कम नहीं है.

आखिर कितनी मात्रा में लेना चाहिए विटामिन D?
हेल्थ एक्सपर्ट्स, खासकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन (अब NASEM) का कहना है कि अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए विटामिन D की मात्रा तय है. 19 से 70 साल की उम्र वाले लोगों को रोजाना 15 माइक्रोग्राम (mcg) लेना चाहिए. 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 20 mcg विटामिन D की जरूरत होती है. लेकिन एक वयस्क इंसान को दिनभर में 100 mcg से ज्यादा विटामिन D नहीं लेना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति इससे अधिक मात्रा में रोजाना इसका सेवन करता है तो वह सीधे-सीधे अपनी सेहत को खतरे में डाल रहा है. क्लिवलैंड क्लिनिक के अनुसार, कुछ लोगों के लिए 100 mcg की खुराक भी खतरनाक साबित हो सकती है. यानी हर व्यक्ति के लिए इसकी सहनशीलता अलग हो सकती है.

शरीर में विटामिन D ज्यादा हो जाने पर क्या होता है?
जब शरीर में विटामिन D जरूरत से ज्यादा जमा हो जाता है, तो इसे विटामिन D टॉक्सिसिटी कहा जाता है. इस स्थिति में खून में कैल्शियम का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं.

शुरुआती लक्षण:-
मिचली और उल्टी
कब्ज और पेट दर्द
भूख कम लगना
थकान और कमजोरी

गंभीर लक्षण:-
अचानक बेहोशी
किडनी की समस्या
हड्डियों में दर्द
मांसपेशियों में कमजोरी
दिल की धड़कन असामान्य होना

अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है.

सबसे ज्यादा असर किन अंगों पर पड़ता है?
1. किडनी पर असर

विटामिन D का ओवरडोज़ सबसे पहले किडनी पर प्रभाव डालता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, ज्यादा विटामिन D लेने से किडनी स्टोन, नेफ्रोकेल्सिनोसिस (किडनी में कैल्शियम जमा होना) और अचानक किडनी फेल होने की समस्या हो सकती है.

2. हार्ट पर असर
किडनी के बाद इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है. खून में कैल्शियम का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि ब्रिटेन के बुजुर्ग की मौत में हार्ट फेलियर को भी बड़ी वजह माना गया था.

3. हड्डियों और मांसपेशियों पर असर
आमतौर पर लोग विटामिन D हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए लेते हैं, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा हो जाता है तो हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायत बढ़ जाती है.

कब और कैसे लेना चाहिए विटामिन D?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि विटामिन D की खुराक हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए. अगर आपके शरीर में विटामिन D की कमी है, तो पहले ब्लड टेस्ट कराएं. डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही इसकी दवा या सप्लीमेंट लें. बिना जांच के खुद से ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट लेना बेहद खतरनाक हो सकता है.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

18 Aug 2025  ·  Published: 11:55 IST

वास्तु शास्त्र: हाथ से गिर जाएं ये खास चीजें तो बढ़ सकती हैं परेशानियां, जानें क्या हैं संकेत

File

फाइल फोटो

Vastu Shastra Tips for Home: वास्तु शास्त्र हमारी ज़िंदगी के हर पहलू में बैलेंस और पॉजिटिविटी लाता है. इस शास्त्र के अनुसार, हमारे घरों और ज़िंदगी में छोटी-छोटी चीज़ें भी अहम भूमिका निभाती हैं. कभी-कभी, गलती से हमारे हाथ से कुछ गिर जाना वास्तु के नज़रिए से एक बड़ा संकेत होता है. एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि आपके हाथ से कुछ चीज़ें गिरना आपकी ज़िंदगी में आने वाली परेशानियों और चुनौतियों का संकेत देता है.

दूध: वास्तु शास्त्र में हाथ से दूध गिरना अशुभ माना जाता है. दूध को ज़िंदगी में खुशहाली और धन का प्रतीक माना जाता है. अगर आपके हाथ से दूध गिर जाए, तो इसका मतलब है कि आपको जल्द ही पैसे की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. यह संकेत हमें पैसे के मामलों में सावधानी बरतने की याद दिलाता है.

काली मिर्च: काली मिर्च न सिर्फ़ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि इसे ज़िंदगी से नेगेटिव एनर्जी दूर करने वाली भी माना जाता है. अगर काली मिर्च आपके हाथ से गिरती या बिखरती है, तो इसका मतलब है कि आपकी ज़िंदगी में नेगेटिविटी और स्ट्रेस बढ़ सकता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसे समय में अपने घर को साफ़ रखना और पॉजिटिव सोच बनाए रखना बहुत ज़रूरी है.

खाना: खाना गिरना भी एक अशुभ संकेत माना जाता है. चाहे आप खाना खा रहे हों या किसी और को परोस रहे हों, उसका गिरना मतलब है कि गरीबी या मुश्किल आने वाली है. इससे आपके घर की शांति और खुशी पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए, वास्तु के अनुसार, ध्यान से खाना और खाने की चीज़ों का सम्मान करना बहुत ज़रूरी है.

नमक: वास्तु में नमक का गिरना भी बहुत अशुभ माना जाता है. नमक को जीवन में स्थिरता और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है. अगर यह आपके हाथ से गिर जाए, तो इसका मतलब है कि गंभीर समस्याएँ आने वाली हैं. ऐसे समय में, संयम बरतना और सोच-समझकर फ़ैसले लेना ज़रूरी है.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

03 Dec 2025  ·  Published: 01:21 IST