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चेहरे पर झाइयां या हाइपरपिग्मेंटेशन होना एक आम स्किन प्रॉब्लम है. ये डार्क स्पॉट्स न सिर्फ खूबसूरती को कम कर देते हैं बल्कि आत्मविश्वास पर भी असर डालते हैं. महंगे प्रोडक्ट और ट्रीटमेंट्स के बावजूद कई बार ये जिद्दी धब्बे जाते नहीं हैं. लेकिन अच्छी खबर यह है कि इसका असरदार इलाज आपके घर में मौजूद नारियल तेल (Coconut Oil) से भी संभव है. हाइपरपिग्मेंटेशन आमतौर पर सूरज की किरणों, हार्मोनल बदलाव, उम्र बढ़ने, ड्राई स्किन या एक्ने के दाग की वजह से होता है. महिलाओं में यह समस्या प्रेग्नेंसी के दौरान या उसके बाद और भी ज्यादा दिखती है. इसे मेलाज्मा भी कहा जाता है.
नारियल तेल एक नेचुरल मॉइस्चराइज़र है जो स्किन को गहराई से हाइड्रेट करता है और डैमेज स्किन को रिपेयर करता है. इसमें मौजूद लॉरिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स सूजन को कम करते हैं और स्किन को हेल्दी बनाते हैं. आइए जानते हैं नारियल तेल से बनने वाले 5 असरदार घरेलू नुस्खे जो हाइपरपिग्मेंटेशन को कम करने में मदद करते हैं:
नारियल तेल और नींबू का रस
नींबू में मौजूद विटामिन C स्किन को ब्राइट करता है और डार्क स्पॉट्स हल्के करता है. बस ध्यान रखें कि नींबू लगाने के बाद सनस्क्रीन जरूर लगाएं.
नारियल तेल और हल्दी
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन पिगमेंटेशन को कम करता है और स्किन टोन को ग्लोइंग बनाता है. यह खासतौर पर ड्राई और नॉर्मल स्किन वालों के लिए अच्छा है.
नारियल तेल और एलोवेरा जेल
यह सूदिंग कॉम्बिनेशन सेंसेटिव स्किन के लिए बेहतरीन है. एलोवेरा मेलानिन प्रोडक्शन को कम करके धीरे-धीरे दाग-धब्बे हल्के करता है.
नारियल तेल और विटामिन ई
यह मिश्रण स्किन रिपेयर करता है, पिगमेंटेशन और झुर्रियों को कम करता है. यह ड्राई और एजिंग स्किन के लिए फायदेमंद है.
नारियल तेल और शहद
यह एक नेचुरल क्लींजर है. शहद स्किन की हाइड्रेशन बनाए रखता है और डलनेस दूर करके चेहरे को ब्राइट बनाता है.
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Navratri Vrat Recipe: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व आज से शुरू हो चुका है. नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है और भक्त व्रत रखते हैं. व्रत के दौरान हल्के और हेल्दी स्नैक्स की तलाश हर किसी को रहती है. ऐसा ही एक नाश्ता है कच्चे केले के कटलेट, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहतमंद भी है.
कच्चे केले के कटलेट बनाने के लिए सामग्री
3-4 कच्चे केले
2-3 उबले आलू
स्वादानुसार नमक और काली मिर्च
2 बड़े चम्मच कटा हुआ ताजा हरा धनिया
2 हरी मिर्च (बारीक कटी)
तेल (ग्रीस करने और तलने के लिए)
बनाने का तरीका
सबसे पहले आलू को अच्छी तरह उबालकर छील लें और मैश करें. इसमें नमक, काली मिर्च, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाकर मसालेदार मिक्स तैयार कर लें. अब कच्चे केलों को उबालें. उबलने के बाद छीलकर मैश करें और स्वादानुसार नमक, काली मिर्च डालें. तेल लगे हाथों से आलू के मिक्स की छोटी-छोटी गोलियां बना लें.
मैश किए हुए केले का थोड़ा हिस्सा लें, उसे हल्का चपटा करें. बीच में आलू की गोली रखकर किनारे बंद कर टिक्की जैसा आकार दें. कड़ाही में तेल गरम करें और कटलेट को दोनों तरफ से गोल्डन और क्रिस्पी होने तक तलें. फिर एक्स्ट्रा तेल सोखने के लिए पेपर टॉवल पर रख दें. इन कटलेट्स को आप दही या हरी चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं. व्रत में यह एक स्वादिष्ट और हेल्दी स्नैक है, जिसे बनाना बेहद आसान है.
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Dates Health Benefits: खजूर एक ऐसा मीठा और स्वादिष्ट फल है जो न सिर्फ टेस्ट में बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. खजूर को नेचुरल हेल्थ बूस्टर भी कहा जाता है. खजूर के पेड़ ज्यादातर गर्म और शुष्क इलाकों में पाए जाते हैं. खजूर की खेती हजारों सालों से की जा रही है और यह खासतौर पर भारत के राजस्थान, गुजरात और पंजाब में उगाया जाता है.
इसके पोषक तत्वों की बात करें, तो खजूर में कार्बोहाइड्रेट, आयरन, फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी6 जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज होते हैं जो इसे न सिर्फ मीठा बनाते हैं, बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का भी काम करते हैं. अगर कभी आपको थकान महसूस हो तो 2–3 खजूर खा लेने से तुरंत एनर्जी मिल जाती है.
खजूर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. इसमें मौजूद फाइबर कब्ज को दूर करता है और पाचन में मदद करता है. इसके अलावा, खजूर दिल के लिए भी बहुत अच्छा होता है क्योंकि इसमें पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखती है और दिल की सेहत को बनाए रखती है. हड्डियों के लिए भी यह कमाल का फल है क्योंकि इसमें कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है.
खजूर में मौजूद आयरन खून की कमी (एनीमिया) में बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन और बालों के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं. ये त्वचा को जवां और चमकदार रखते हैं और बालों को मजबूती देते हैं. गर्भवती महिलाओं के लिए भी खजूर बहुत उपयोगी होता है क्योंकि यह उन्हें ऊर्जा और पोषण देता है.
खजूर को कई तरीकों से खाया जा सकता है. इसे डायरेक्ट ऐसे ही खाया जाता है. आप चाहें तो इसे दूध में भिगोकर या शेक, हलवा या मिठाई में भी डालकर खा सकते हैं. हालांकि, डायबिटीज के मरीज इसे सीमित मात्रा में ही खाएं, क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा अधिक होती है.
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Gomukhasana Benefits: बदलता मौसम और व्यस्त जीवनशैली आज लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है. तनाव, थकान, नींद की कमी और शारीरिक जकड़न जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं. ऐसे में योगासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करके मन और शरीर दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है. इन्हीं में से एक बेहद असरदार योगासन है गोमुखासन.
देश के मशहूर योग संस्थान Morarji Desai National Institute of Yoga के अनुसार, गोमुखासन एक ऐसा योगासन है जिसका नियमित अभ्यास शरीर के कई हिस्सों को लचीला बनाता है और मानसिक तनाव को भी कम करता है. इस आसन से खासतौर पर कंधे, छाती, रीढ़ की हड्डी और पैरों को मजबूती मिलती है.
योग विशेषज्ञों का कहना है कि रोज गोमुखासन करने से कंधों और पीठ के ऊपरी हिस्से में जमा जकड़न दूर होती है. इससे फेफड़े पूरी तरह खुलते हैं और सांस लेने की प्रक्रिया बेहतर होती है. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह आसन बहुत फायदेमंद माना गया है, क्योंकि यह अग्न्याशय को सक्रिय करता है. इसके अलावा, तनाव, चिंता, थकान और अनिद्रा जैसी समस्याओं में भी इस आसन से राहत मिलती है.
गोमुखासन करने की आसान विधि
गोमुखासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर सीधे बैठ जाएं और दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर दंडासन की अवस्था में बैठें. रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. अब बायां पैर मोड़कर उसकी एड़ी को दाहिने कूल्हे के पास रखें. इसके बाद दाहिना पैर मोड़कर उसकी एड़ी बाएं कूल्हे के पास रखें, जिससे दाहिना घुटना बाएं घुटने के ऊपर आ जाए.
अब दाहिना हाथ कंधे के ऊपर से पीठ के पीछे ले जाएं और बायां हाथ कमर के नीचे से पीठ के पीछे ले जाकर दोनों हाथों की उंगलियां फंसा लें. अगर उंगलियां न मिल पाएं तो रुमाल या पट्टी की मदद ली जा सकती है. नजर सामने रखें, रीढ़ सीधी रखें और गहरी सांस लेते रहें. इस स्थिति में 20 से 25 सेकंड तक रुकें. फिर धीरे-धीरे पहले वाली अवस्था में वापस आ जाएं.
महिलाओं के लिए भी बेहद लाभकारी
गोमुखासन महिलाओं के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. यह पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्याओं में राहत देता है और शरीर को संतुलित बनाए रखता है.
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए
अगर किसी को कंधे या घुटने में गंभीर चोट, स्लिप डिस्क या अत्यधिक दर्द की समस्या है, तो उन्हें गोमुखासन करने से पहले डॉक्टर या योग प्रशिक्षक की सलाह जरूर लेनी चाहिए. नियमित अभ्यास से गोमुखासन न सिर्फ शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और ऊर्जा भी देता है.