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इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
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अंडे खाने वाले हो जाए सावधान, वरना हो जाएंगे गंभीर बीमारी के शिकार; H5N1 बर्ड फ्लू का बढ़ा खतरा

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बर्ड फ्लू: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के एक पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू (H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामले सामने आने के बाद पूरे राज्य में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं. बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के साथ-साथ अब बर्ड फ्लू ने भी चिंता बढ़ा दी है.

क्या अंडे खाना बर्ड फ्लू में सुरक्षित है?
बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करने वाला वायरस है, लेकिन कभी-कभी यह इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है. हैदराबाद के मेडिकल एडवाइजर और टेलीमेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मुरली भास्कर एम (MBBS, FDM) के मुताबिक, संक्रमित मुर्गियों के अंडों में भी यह वायरस मौजूद हो सकता है, लेकिन इसकी संभावना बहुत कम होती है. डॉ. भास्कर का कहना है कि अगर अंडों को सही तरीके से पकाया जाए, तो वायरस पूरी तरह नष्ट हो जाता है और उन्हें खाना सुरक्षित हो जाता है.

अंडे को सुरक्षित तरीके से पकाने के टिप्स
1.    अंडे अच्छी तरह पकाएं – अंडे का योक (पीला हिस्सा) लिक्विड नहीं, बल्कि पूरी तरह सॉलिड होना चाहिए। वायरस और बैक्टीरिया को मारने के लिए तापमान कम से कम 74°C (165°F) होना चाहिए.
2.    हाथ धोएं – कच्चे अंडे को छूने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोएं.
3.    बर्तनों की सफाई करें – जिन बर्तनों, चम्मच या सतह पर कच्चे अंडे रखे गए हों, उन्हें तुरंत गर्म पानी और साबुन से साफ करें.
4.    अलग रखें – कच्चे अंडों को फलों, सब्जियों और पके हुए खाने से अलग रखें ताकि संक्रमण का खतरा न हो.
5.    अलग बर्तन इस्तेमाल करें – चिकन और अंडों के लिए अलग कटिंग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल करें.

रिसर्च में सामने आया नया खतरा
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के बायोकेमिस्ट्री विभाग के डॉ. केशवर्धन सन्नुला की टीम ने H5N1 वायरस के 2.3.4.4b क्लेड पर अध्ययन किया है. यह स्ट्रेन वर्तमान में दुनिया के कई देशों में फैल रहा है और पक्षियों की कई प्रजातियों को संक्रमित कर चुका है. रिसर्च में पाया गया कि इस स्ट्रेन में ऐसे जेनेटिक म्यूटेशन हैं, जो पहले महामारी फैला चुके फ्लू वायरसों में देखे गए थे. इन बदलावों के कारण यह वायरस इंसानों को अधिक आसानी से संक्रमित कर सकता है.

बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय
1.    पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के संपर्क से बचें, खासकर बर्ड फ्लू प्रभावित इलाकों में.
2.    कच्चा या अधपका मांस और अंडे न खाएं.
3.    रसोई में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें.
4.    बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.


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Written by: Taushif

15 Aug 2025  ·  Published: 16:35 IST

परफ्यूम कलाई, गर्दन या कान के पीछे ही क्यों लगाया जाता है? जानिए आसान वजह

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हम में से ज्यादातर लोग परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि परफ्यूम हमेशा कलाई, गर्दन या कान के पीछे ही क्यों लगाया जाता है? दरअसल, इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण छिपा है. शरीर के जिन हिस्सों पर रक्त की नलिकाएं त्वचा के सबसे पास होती हैं, वहां शरीर की गर्मी ज्यादा होती है. इन्हीं हिस्सों को पल्स पॉइंट्स कहा जाता है. जैसे कलाई, गर्दन, कान के पीछे, कोहनी के अंदर का हिस्सा और छाती के पास.

इन जगहों की गर्मी से परफ्यूम के मॉलिक्यूल्स जल्दी वाष्पित होते हैं, जिससे खुशबू धीरे-धीरे फैलती रहती है और लंबे समय तक टिकी रहती है. अगर आप परफ्यूम को कपड़ों पर लगाते हैं, तो वहां इतनी गर्मी नहीं होती, इसलिए खुशबू जल्दी उड़ जाती है. लेकिन जब इसे पल्स पॉइंट्स पर लगाया जाता है, तो खुशबू पूरे दिन नेचुरल तरीके से आपके साथ बनी रहती है.

असल में परफ्यूम लगाने का मजा सिर्फ खुशबू में नहीं, बल्कि उस एहसास में भी है जो आपके शरीर की धड़कनों के साथ चलती है. जब आपका पल्स परफ्यूम को रिलीज करता है, तो खुशबू मानो आपके शरीर की रिदम के साथ बहने लगती है. आज के समय में परफ्यूम सिर्फ दूसरों को आकर्षित करने का ज़रिया नहीं, बल्कि एक तरह का सेल्फ-केयर रिचुअल बन चुका है. जो आपके कॉन्फिडेंस और मूड दोनों को बेहतर करता है.
 


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Written by: Taushif

12 Nov 2025  ·  Published: 11:49 IST

अंडा-टोस्ट: नाश्ते में हेल्दी कॉम्बिनेशन, ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए कितना सही?

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सुबह का नाश्ता दिन की शुरुआत को तय करता है. अक्सर लोग जल्दीबाज़ी में ऐसे खाने की तलाश करते हैं जो झटपट तैयार हो जाए, पेट भी भर दे और शरीर को पोषण भी मिले. ऐसे में अंडे और टोस्ट नाश्ते का सबसे आसान और लोकप्रिय विकल्प माने जाते हैं. चाहे दफ्तर के लिए देर हो रही हो, बच्चे स्कूल जा रहे हों या फिर खाना बनाने का ज्यादा वक्त न हो, अंडा और टोस्ट तुरंत तैयार हो जाता है लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कॉम्बिनेशन सिर्फ पेट भरने तक ही सीमित है या फिर सेहत, खासकर ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए भी अच्छा है?

अंडे खाने से क्या फायदे होते हैं?
हैदराबाद स्थित केयर हॉस्पिटल्स की क्लिनिकल डाइटीशियन जी. सुषमा के अनुसार, अंडा-टोस्ट नाश्ते का क्लासिक कॉम्बिनेशन है. अंडे में प्रोटीन की मात्रा काफी ज्यादा होती है जो शरीर की मांसपेशियों की मरम्मत और विकास में मदद करता है. यही कारण है कि रोज़ाना फिजिकल एक्टिविटी करने वाले लोग अक्सर इसे नाश्ते में शामिल करते हैं.

अंडे में कई ज़रूरी विटामिन और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जैसे – विटामिन A, D, E और B12 – आंखों, हड्डियों और इम्यूनिटी के लिए ज़रूरी. आयरन और जिंक – खून और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए ज़रूरी. कोलीन – दिमाग़ की हेल्थ और याददाश्त को दुरुस्त रखने में मददगार. अंडे खाने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती, यानी बार-बार स्नैक्स खाने की आदत भी कम हो जाती है. अगर इसे साबुत अनाज (Whole Grain) ब्रेड या खमीर (Sourdough) वाली ब्रेड के साथ खाया जाए तो इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं. साबुत अनाज वाली ब्रेड में फाइबर होता है, जो पाचन में मदद करता है और दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है.

ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए अंडा और टोस्ट कितना बेहतर?
यहां बात आती है ब्लड शुगर यानी शुगर लेवल पर इसके असर की. आमतौर पर सफेद ब्रेड (White Bread) जल्दी से ग्लूकोज में बदल जाती है. इसका मतलब है कि इसे खाने के बाद शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है और फिर थोड़ी देर बाद अचानक गिर भी जाता है. यही वजह है कि डायबिटीज़ के मरीजों या ब्लड शुगर पर नज़र रखने वालों को सफेद ब्रेड से परहेज़ करने की सलाह दी जाती है. दूसरी तरफ, अंडों में कार्बोहाइड्रेट बहुत कम होता है और ये प्रोटीन और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं. यही कारण है कि अंडा खाने से शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है और शुगर लेवल अचानक से बढ़ता या घटता नहीं है. अगर सफेद टोस्ट की जगह साबुत अनाज या खमीर वाला टोस्ट लिया जाए और उसके साथ अंडा खाया जाए तो ब्लड शुगर पर इसका असर काफी स्थिर रहता है.

डायबिटीज़ और इंसुलिन रेसिस्टेंस वालों के लिए सलाह
अगर आप प्री-डायबिटिक हैं, डायबिटीज़ के मरीज हैं या फिर इंसुलिन रेसिस्टेंस से जूझ रहे हैं, तो नाश्ते में सिर्फ सफेद टोस्ट खाना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. इससे ब्लड शुगर तुरंत बढ़ जाता है और थोड़ी ही देर में गिरने लगता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है. ऐसे लोगों के लिए बेहतर है कि अंडे को अपने नाश्ते में शामिल करें और टोस्ट चुनते समय साबुत अनाज या खमीर वाली ब्रेड का इस्तेमाल करें.

अंडा-टोस्ट को और हेल्दी कैसे बनाएं?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप अपने नाश्ते को और ज़्यादा पौष्टिक बनाना चाहते हैं तो कुछ चीज़ें अंडे और टोस्ट के साथ जोड़ सकते हैं. 

हरी सब्जियां – जैसे पालक, शिमला मिर्च, टमाटर.
एवोकाडो – हेल्दी फैट्स और फाइबर का बेहतरीन स्रोत.
अलसी (Flax Seeds) – ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर.
मक्खन या पीनट बटर – अतिरिक्त ऊर्जा और स्वाद के लिए.
इन सबको अंडे और टोस्ट के साथ खाने से ब्लड शुगर स्थिर रहता है और शरीर को लंबे समय तक एनर्जी मिलती है.


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Written by: Taushif

24 Aug 2025  ·  Published: 11:10 IST

हमेशा गुस्से में क्यों रहते हैं अनुराग कश्यप, 'पंचायत' एक्टर फैसल मलिक ने कर दिया सबकुछ क्लियर

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फिल्ममेकर अनुराग कश्यप को उनकी बेबाक सोच और बिना लाग-लपेट बोले जाने वाले बयानों के लिए जाना जाता है. वे अपनी फिल्मों के साथ-साथ अक्सर ऐसे मुद्दों पर भी टिप्पणी कर देते हैं, जिनसे विवाद खड़ा हो जाता है. कई बार उनका गुस्सा और आलोचनात्मक रवैया लोगों को चौंका देता है. अब हाल ही में वेबसीरीज 'पंचायत' में प्रहलाद पांडे का दमदार किरदार निभाने वाले एक्टर फैसल मलिक ने अनुराग का बचाव करते हुए उनके गुस्से के पीछे की वजह बताई है.

क्या बोले फैसल मलिक?
एक इंटरव्यू के दौरान फैसल मलिक से अनुराग कश्यप के गुस्से और उनकी विवादित छवि को लेकर सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा, "अनुराग का गुस्सा हमेशा इंडस्ट्री की स्थिति को लेकर रहा है, न कि किसी व्यक्ति विशेष को लेकर." उन्होंने यह भी कहा कि अनुराग उस सिस्टम से नाराज़ हैं, जो क्रिएटिविटी को सपोर्ट करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश करता है.

फैसल ने कहा कि अनुराग के शब्द तीखे ज़रूर होते हैं, लेकिन उनका इरादा हमेशा इंडस्ट्री में बेहतर बदलाव लाना होता है. वे अपने अनुभवों के आधार पर बात करते हैं और इंडस्ट्री में हो रही राजनीति, पक्षपात और गुटबाज़ी के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं.

अनुराग की बेबाकी और आलोचना
अनुराग कश्यप ने पहले भी कई बार बड़े प्रोडक्शन हाउसेज़, सेंसरशिप, और सरकार की नीतियों पर खुलकर बयान दिए हैं. उनकी इस बेबाकी के कारण कई बार उन्हें आलोचना का सामना भी करना पड़ा है लेकिन उनके करीबी और इंडस्ट्री के कुछ कलाकार हमेशा उनके सपोर्ट में खड़े नजर आते हैं.

फैसल और अनुराग की दोस्ती
फैसल मलिक और अनुराग कश्यप एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं. फैसल ने यह भी बताया कि अनुराग बहुत संवेदनशील और ईमानदार इंसान हैं, जो दूसरों की क्रिएटिविटी की कद्र करते हैं. उनका गुस्सा सिस्टम से है, न कि इंडस्ट्री के लोगों से.
 


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Written by: Taushif

05 Aug 2025  ·  Published: 07:00 IST