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Who is Rukmini Vasanth: साउथ सिनेमा के सुपरस्टार ऋषभ शेट्टी की बहुप्रतीक्षित फिल्म "कांतारा- चैप्टर 1" का इंतजार अब खत्म हो गया है. इस फिल्म को लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. ट्रेलर और टीजर रिलीज के बाद से ही फैंस बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे थे. खास बात ये है कि ऋषभ शेट्टी इस फिल्म के डायरेक्टर और राइटर दोनों हैं. यह 2022 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म "कांतारा" का प्रीक्वल है.
कौन हैं फिल्म की हीरोइन रुक्मिणी वसंत?
कांतारा- चैप्टर 1 में लीड एक्ट्रेस के तौर पर नजर आएंगी रुक्मिणी वसंत, जिन्हें फिल्म में राजकुमारी कनकवती का रोल मिला है. साउथ इंडस्ट्री में वह पहले से जानी-पहचानी हैं, लेकिन हिंदी ऑडियंस के बीच उनके बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ गई है. रुक्मिणी कन्नड़, तमिल और तेलुगु फिल्मों में काम करती हैं. उन्होंने 2019 में फिल्म ‘बीरबल ट्रायलॉजी’ से डेब्यू किया था. 2023 की हिट मूवी ‘सप्त सागरदाते एलो’ से उन्हें पहचान मिली. इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड भी मिला. इसके अलावा वह ‘बघीरा’ जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं.
आर्मी बैकग्राउंड से ताल्लुक
रुक्मिणी वसंत का परिवार आर्मी बैकग्राउंड से है. उनके पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल शहीद हो चुके हैं. वह कर्नाटक से अशोक चक्र पाने वाले पहले शख्स थे. 2007 में जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकियों से लड़ते हुए वह शहीद हुए थे. उनकी मां सुभाषिनी वसंत भरतनाट्यम डांसर हैं और शहीद सैनिकों की विधवाओं की मदद के लिए फाउंडेशन चलाती हैं.
रुक्मिणी की पढ़ाई और करियर
रुक्मिणी ने लंदन से एक्टिंग की डिग्री ली है. कम लोग जानते हैं कि उन्होंने नेटफ्लिक्स की हिंदी फिल्म ‘अपस्टार्ट्स’ में भी काम किया था. उन्हें साउथ की प्रॉमिसिंग एक्ट्रेसेस में गिना जाता है.
कांतारा क्यों है खास?
रुक्मिणी के मुताबिक ऋषभ शेट्टी की फिल्म में राजकुमारी कनकवती का किरदार उनके करियर का सबसे बड़ा और खास रोल है. यह उनके लिए एक लाइफटाइम अवसर जैसा है. आने वाले दिनों में रुक्मिणी की कई बड़ी फिल्में पाइपलाइन में हैं, जिनमें ‘टॉक्सिक’ और ‘ड्रैगन’ शामिल हैं. बीते दिनों ये खबरें भी आई थीं कि प्रभास की फिल्म ‘स्पिरिट’ में दीपिका पादुकोण के बाहर होने के बाद रुक्मिणी को कास्ट किया जा सकता है. हालांकि बाद में मेकर्स ने इस रोल के लिए तृप्ति डिमरी को फाइनल किया.
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Pawan Singh Wife Jyoti Singh: भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह की बीवी ज्योति सिंह इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं. लेकिन इस चुनावी जंग में वो पूरी तरह अकेली पड़ गई हैं. न तो उन्हें पति पवन सिंह का साथ मिल रहा है और न ही चुनाव प्रचार के लिए पर्याप्त पैसे. ऐसे में ज्योति सिंह ने जनता से आर्थिक मदद की अपील की है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक क्यूआर कोड शेयर करते हुए लिखा है, “जिसकी जितनी शक्ति हो, उतना सहयोग करें.”
राम-कृष्ण को भी झेलना पड़ा था समाज का दर्द
इमोशनल पोस्ट में ज्योति ने लिखा, “राम और कृष्ण जैसे अवतारियों को भी समाज से बहुत कुछ सहना पड़ा. मैं तो एक साधारण महिला हूं, जिसे कई लोगों ने गलत समझा. आज मैं काराकाट की जनता से मदद मांग रही हूं ताकि मैं अपनी लड़ाई जारी रख सकूं.”
उन्होंने आगे लिखा, “मुझे जनता से अपार समर्थन मिल रहा है, लेकिन इस मुहिम को और मजबूत करने के लिए आर्थिक सहयोग की जरूरत है. मैं आपकी बेटी और बहन हूं, इसलिए आपसे उम्मीद करती हूं कि मेरा साथ देंगे.”
बैंक अकाउंट और क्यूआर कोड शेयर किया
ज्योति ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपना बैंक अकाउंट डिटेल्स और क्यूआर कोड शेयर करते हुए लोगों से सहयोग राशि भेजने की अपील की है.
ट्रोल्स को दिया करारा जवाब
ज्योति के इस कदम की जहां कुछ लोग सराहना कर रहे हैं, वहीं कई यूजर्स ने उन्हें पैसे मांगने के लिए ट्रोल भी किया. कुछ ने लिखा कि, “आपके पास तो 18 लाख की संपत्ति है, फिर मदद क्यों मांग रही हैं?” जवाब में ज्योति के समर्थकों ने लिखा, “अगर किसी को मदद करनी है तो करें, वरना ज्ञान न दें.”
पवन सिंह से अलग हैं ज्योति
गौरतलब है कि ज्योति सिंह और पवन सिंह के बीच काफी समय से अनबन चल रही है. दोनों अलग रह रहे हैं और तलाक का मामला फिलहाल कोर्ट में है. ऐसे में ज्योति ने पति का साथ न होने के बावजूद खुद चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है.
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War 2 Movie Review: यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वॉर 2’ आखिरकार बड़े पर्दे पर आ चुकी है. इस बार कहानी न केवल कबीर (ऋतिक रोशन) की वापसी लेकर आती है, बल्कि इसमें पहली बार साउथ के सुपरस्टार जूनियर एनटीआर भी शामिल हुए हैं. उनके साथ लीड रोल में कियारा आडवाणी हैं.
फिल्म की ओपनिंग सीन ही दर्शकों को सीट से बांध देता है. पहली फिल्म के एंड क्रेडिट सीन में जो रहस्यमय किरदार जापान में नजर आया था, वहीं से ‘वॉर 2’ की कहानी आगे बढ़ती है. जापान का एक रईस व्यक्ति अपना 75वां जन्मदिन मना रहा है, लेकिन इस खुशी के माहौल में कबीर की एंट्री सबकुछ बदल देती है.
कटाना (जापानी तलवार) हाथ में लेकर कबीर का एक्शन सीक्वेंस किसी विजुअल ट्रीट से कम नहीं. यह सीन इतना स्टाइलिश और तेज़-तर्रार है कि एनिमे और मार्शल आर्ट फिल्मों के फैंस के लिए यह किसी सपने जैसा है. ऋतिक रोशन का स्वैग, उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और बेहतरीन एक्शन कोरियोग्राफी फिल्म का टोन सेट कर देती है.
ओपनिंग एक्शन के बाद कहानी उस असली मिशन पर आती है, जिसके पीछे कबीर दो साल से लगा हुआ है — ‘कलि’ नाम का एक विशाल कार्टेल. कबीर अब इस अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का हिस्सा बन चुका है और पहले से ज्यादा खतरनाक हो गया है. ऐसे में उसे रोकने के लिए मेजर विक्रम (जूनियर एनटीआर) की एंट्री होती है, जिनकी पर्सनैलिटी और दमदार अंदाज कबीर के बराबर नजर आता है. कव्या लूथरा (कियारा आडवाणी) का किरदार भी मिशन का अहम हिस्सा है. कियारा ने अपने किरदार में ग्लैमर के साथ-साथ एक्शन का भी सही बैलेंस रखा है.
पहले हाफ में सबसे बड़ा आकर्षण ऋतिक और जूनियर एनटीआर का आमना-सामना है. दोनों कलाकार अपने-अपने एक्शन, डायलॉग डिलीवरी और स्क्रीन प्रेजेंस में किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ते. जहां ऋतिक का किरदार स्मार्ट, प्लानिंग में माहिर और करिश्माई दिखता है, वहीं एनटीआर का विक्रम सख्त, तेज और बेहद इंटेंस नजर आता है.
फिल्म का फर्स्ट हाफ एक्शन से भरपूर है. चाहे वह जापान की गलियों में तलवारबाजी हो या हाई-स्पीड कार चेज़. स्टंट्स की कोरियोग्राफी और कैमरा वर्क शानदार है, जिससे हर एक्शन सीन बड़े कैनवास पर और भी भव्य दिखता है. बैकग्राउंड स्कोर सीन के इम्पैक्ट को कई गुना बढ़ा देता है. स्पेशल इफेक्ट्स और लोकेशन का चयन कहानी को इंटरनेशनल टच देता है, जो स्पाई यूनिवर्स की पहचान बन चुका है.
पहला हाफ दर्शकों को लगातार जोड़े रखता है। एक्शन, ड्रामा और रहस्य का सही मिश्रण आपको अगले सीन का इंतजार कराता है। इंटरवल से पहले फिल्म एक ऐसे मोड़ पर पहुंचती है, जहां दर्शक सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि अब आगे कहानी किस दिशा में जाएगी।
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International Emmy Awards 2025: न्यूयॉर्क में मंगलवार को 53वें इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स का भव्य आयोजन हुआ. दुनिया के कई देशों के बेहतरीन टीवी शो, कलाकार और डॉक्यूमेंट्री इस समारोह का हिस्सा बने. इस बार भारत के लिए उम्मीदें काफी बड़ी थीं, क्योंकि दिलजीत दोसांझ की जीवनी आधारित फिल्म 'अमर सिंह चमकीला' दो कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी. बेस्ट एक्टर और बेस्ट टीवी मिनी सीरीज/मूवी. लेकिन उम्मीदों के विपरीत, इस फिल्म को एक भी अवॉर्ड नहीं मिला.
दिलजीत दोसांझ बेस्ट एक्टर कैटेगरी में नॉमिनेट थे, लेकिन यह अवॉर्ड स्पेनिश अभिनेता ओरिओल प्ला को उनकी फिल्म "I, Addict" के लिए मिला. बेस्ट टीवी मूवी/मिनी-सीरीज कैटेगरी में भी तेज़ मुकाबला था, लेकिन अंत में यह पुरस्कार "Lost Boys and Fairies" ने अपने नाम किया. भारतीय दर्शक और फैंस इस नतीजे से निराश दिखाई दिए. 'चमकीला' ने भारत में ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल स्तर पर भी काफी प्रशंसा हासिल की थी, इसलिए कई लोगों को उम्मीद थी कि फिल्म कम से कम एक अवॉर्ड जरूर जीतेगी.
क्या बोले निर्देशक इम्तियाज अली?
फेस्टिवल के दौरान हुए एक पैनल डिस्कशन में फिल्म के निर्देशक इम्तियाज अली ने कहा, “मेरे लिए यह फिल्म एक कलाकार और उसकी कला के बीच के रिश्ते की कहानी थी. कभी एक कलाकार सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं, बल्कि कला के प्यार में काम करता है. चमकीला के कैरेक्टर में वह जुनून था.”
फिल्म के बारे में
फिल्म अमर सिंह चमकीला पंजाबी लोक गायक अमर सिंह चमकीला की असली कहानी पर आधारित है, जिन्हें पंजाब का "एल्विस प्रेस्ली" कहा जाता था. फिल्म में दिलजीत दोसांझ और परिणीति चोपड़ा ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं. यह फिल्म पिछले साल नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी और खूब सराही गई. चमकीला के गाने एक समय बेहद लोकप्रिय थे, लेकिन उन पर विवाद भी हुआ. 8 मार्च 1988 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हालांकि अवॉर्ड्स में भारत को निराशा हाथ लगी, लेकिन 'अमर सिंह चमकीला' और दिलजीत दोसांझ का इंटरनेशनल स्तर पर नॉमिनेशन होना खुद एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.