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Bigg Boss 19 Controversy: बिग बॉस 19 अब अपने आखिरी हफ्तों में है और जैसे-जैसे फिनाले नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे घर का माहौल और तनाव भी बढ़ता जा रहा है. दोस्ती और रिश्ते टूट रहे हैं और घरवाले एक-दूसरे पर आरोप लगाने से भी पीछे नहीं हट रहे. इस बार निशाने पर हैं मालती चाहर, जिनकी सेक्सुअलिटी को लेकर घर में कई बार बातें उठ चुकी हैं.
कुनिका ने मालती पर क्या कहा?
एक टास्क के दौरान मालती चाहर गलती से तान्या के काफी करीब आ गईं, जिससे तान्या नाराज हो गईं. बाद में तान्या ने अपनी बात कुनिका सदानंद से शेयर की. इस पर कुनिका ने फुसफुसाते हुए तान्या से कहा, “मैं पक्के तौर पर कह सकती हूं कि मालती लेस्बियन है. उसके बॉडी लैंग्वेज और बात करने का तरीका देखा. ऐसा ही लगता है.” कुनिका की यह टिप्पणी सुनकर तान्या भी हैरान रह गईं.
सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
जैसे ही यह क्लिप वायरल हुई, सोशल मीडिया पर लोग कुनिका को निशाने पर लेने लगे. फैंस ने कहा कि किसी की सेक्सुअलिटी पर सवाल उठाना गलत है, खासकर नेशनल टीवी पर. गौरतलब है कि इससे पहले फरहाना भट्ट ने भी मालती की सेक्सुअलिटी पर कई बार कमेंट किया था.
इस हफ्ते वीकेंड का वार में सलमान खान नहीं, बल्कि रोहित शेट्टी घरवालों से सवाल-जवाब करते नजर आएंगे. BB को बायस्ड कहने और शो की इमेज खराब करने पर रोहित शेट्टी अमाल मलिक और शहबाज की क्लास लगाने वाले हैं. उनके आने से एपिसोड में एनर्जी और ड्रामा दोनों का तड़का देखने को मिलेगा.
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विराट कोहली और अनुष्का शर्मा बॉलीवुड और क्रिकेट की दुनिया के सबसे पसंदीदा कपल्स में से एक हैं. फैंस उन्हें प्यार से विरुष्का कहते हैं. दोनों की मुलाकात साल 2013 में एक शैम्पू के विज्ञापन की शूटिंग के दौरान हुई थी, जहां से उनकी दोस्ती की शुरुआत हुई. यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और दिसंबर 2017 में उन्होंने शादी कर ली.
शुरुआती दिनों में विराट और अनुष्का ने अपने रिश्ते को पब्लिक से छिपाकर रखा, लेकिन दोनों को अक्सर साथ देखा जाता था. जब विराट मैदान पर रन बनाते, तो कैमरे अक्सर अनुष्का की मुस्कान कैद कर लेते. वहीं जब टीम इंडिया हारती, तो कुछ ट्रोल्स अनुष्का को निशाना बनाते थे.
साल 2016 दोनों के लिए मुश्किल भरा रहा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल उनके बीच ब्रेकअप की खबरें सामने आई थीं. किसी ने कहा कि दोनों के करियर की प्राथमिकताएं अलग थीं, तो कुछ ने बताया कि यह एक गलतफहमी थी. बाद में खबरें आईं कि अनुष्का के भाई करणेश ने दोनों को दोबारा मिलाने में अहम भूमिका निभाई. वहीं, कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान खान ने भी विरुष्का के रिश्ते को फिर से जोड़ने में मदद की.
सलमान मजाक में अनुष्का से कहा करते थे कि "अगर प्यार सच्चा है, तो उसे निभाना चाहिए." कहा जाता है कि यह बात अनुष्का के दिल को छू गई और दोनों ने फिर से अपने रिश्ते को एक नया मौका दिया. आज विराट और अनुष्का की शादी को करीब 8 साल पूरे हो चुके हैं। उनके दो बच्चे हैं और दोनों फिलहाल परिवार के साथ लंदन में रह रहे हैं. फैंस के लिए “विरुष्का” अब सिर्फ एक कपल नहीं, बल्कि प्यार और समझ का खूबसूरत उदाहरण हैं.
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International Emmy Awards 2025: न्यूयॉर्क में मंगलवार को 53वें इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स का भव्य आयोजन हुआ. दुनिया के कई देशों के बेहतरीन टीवी शो, कलाकार और डॉक्यूमेंट्री इस समारोह का हिस्सा बने. इस बार भारत के लिए उम्मीदें काफी बड़ी थीं, क्योंकि दिलजीत दोसांझ की जीवनी आधारित फिल्म 'अमर सिंह चमकीला' दो कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी. बेस्ट एक्टर और बेस्ट टीवी मिनी सीरीज/मूवी. लेकिन उम्मीदों के विपरीत, इस फिल्म को एक भी अवॉर्ड नहीं मिला.
दिलजीत दोसांझ बेस्ट एक्टर कैटेगरी में नॉमिनेट थे, लेकिन यह अवॉर्ड स्पेनिश अभिनेता ओरिओल प्ला को उनकी फिल्म "I, Addict" के लिए मिला. बेस्ट टीवी मूवी/मिनी-सीरीज कैटेगरी में भी तेज़ मुकाबला था, लेकिन अंत में यह पुरस्कार "Lost Boys and Fairies" ने अपने नाम किया. भारतीय दर्शक और फैंस इस नतीजे से निराश दिखाई दिए. 'चमकीला' ने भारत में ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल स्तर पर भी काफी प्रशंसा हासिल की थी, इसलिए कई लोगों को उम्मीद थी कि फिल्म कम से कम एक अवॉर्ड जरूर जीतेगी.
क्या बोले निर्देशक इम्तियाज अली?
फेस्टिवल के दौरान हुए एक पैनल डिस्कशन में फिल्म के निर्देशक इम्तियाज अली ने कहा, “मेरे लिए यह फिल्म एक कलाकार और उसकी कला के बीच के रिश्ते की कहानी थी. कभी एक कलाकार सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं, बल्कि कला के प्यार में काम करता है. चमकीला के कैरेक्टर में वह जुनून था.”
फिल्म के बारे में
फिल्म अमर सिंह चमकीला पंजाबी लोक गायक अमर सिंह चमकीला की असली कहानी पर आधारित है, जिन्हें पंजाब का "एल्विस प्रेस्ली" कहा जाता था. फिल्म में दिलजीत दोसांझ और परिणीति चोपड़ा ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं. यह फिल्म पिछले साल नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी और खूब सराही गई. चमकीला के गाने एक समय बेहद लोकप्रिय थे, लेकिन उन पर विवाद भी हुआ. 8 मार्च 1988 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हालांकि अवॉर्ड्स में भारत को निराशा हाथ लगी, लेकिन 'अमर सिंह चमकीला' और दिलजीत दोसांझ का इंटरनेशनल स्तर पर नॉमिनेशन होना खुद एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
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Ganesh Chaturthi in Bollywood: गणपति बप्पा के स्वागत का इंतजार उनके भक्त हर साल बेसब्री से करते हैं. देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. जहां लोग भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और भक्ति में लीन रहते हैं, वहीं इस त्योहार की झलक हमें बॉलीवुड फिल्मों में भी खूब दिखाई देती है. कई दशकों से हिंदी सिनेमा ने गणपति महोत्सव को न केवल पर्दे पर उतारा है, बल्कि अपनी कहानियों को इससे गहराई से जोड़ा भी है. फिल्मों में बने गाने, आरती और गणेश विसर्जन के दृश्य दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाते हैं. इतना ही नहीं, कई फिल्मों के टर्निंग पॉइंट गणेश चतुर्थी के इर्द-गिर्द ही रचे गए हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में जहां गणपति बप्पा सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा बने.
गणपति गानों की शुरुआत
बताया जाता है कि 1980 के दशक से गणपति गीतों को फिल्मों में अलग पहचान मिलने लगी थी. फिल्म हमसे बढ़कर कौन (1981) में मोहम्मद रफी, शैलेंद्र सिंह और आशा भोसले की आवाज़ में गाया गया गाना देवा हो देवा गणपति देवा इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी हर पंडाल में बजता सुनाई देता है. इसके बाद शाहरुख खान की फिल्म डॉन का मोरेया रे और सलमान खान की फिल्म वॉन्टेड का जलवा भी लोगों की जुबान पर चढ़ गया.
अग्निपथ (1990 और 2012)
फिल्म अग्निपथ के दोनों वर्ज़न में गणपति विसर्जन का दृश्य बेहद अहम है. 1990 की फिल्म में अमिताभ बच्चन का किरदार विजय दीनानाथ चौहान विसर्जन के दौरान अपने गांव लौटता है और कहानी एक नए मोड़ पर पहुंच जाती है. वहीं 2012 की फिल्म में ऋतिक रोशन के साथ गणपति विसर्जन का जश्न बढ़ती हिंसा से जुड़कर कहानी को भावनात्मक और नाटकीय ऊंचाई देता है.
वास्तव (1999)
महेश मांजरेकर की फिल्म वास्तव मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित थी. संजय दत्त का किरदार रघुनाथ नामदेव शिवलकर और उसके दोस्त डेढ़फुटिया की कहानी में गणेश उत्सव एक प्रतीक के तौर पर दिखाई देता है. फिल्म के क्लाइमैक्स में जब पूरा परिवार आरती में शामिल होता है, तब डेढ़फुटिया पुलिस के हाथों पकड़ा जाता है और उसकी मौत एक फेक एनकाउंटर में हो जाती है. इस दृश्य ने दिखाया कि किस तरह उत्सव की भक्ति और अपराध की काली दुनिया एक साथ टकराती है.
एबीसीडी (2013)
रेमो डिसूजा की फिल्म एबीसीडी में गणपति सॉन्ग साडा दिल भी तू दर्शकों के दिलों में आज भी बसा है. यह गाना सिर्फ डांस और एनर्जी का प्रतीक नहीं था, बल्कि फिल्म में एक बड़ा मोड़ भी लाता है. जब प्रभु देवा का किरदार विष्णु अपनी टीम के साथ परफॉर्म करता है, तो मंच पर मौजूद हर कोई भावुक हो जाता है. इवेन उसका दुश्मन भी. गाने में दिखाया गया इमोशनल ड्रामा दर्शकों की आंखों में आंसू ला देता है और यही इसकी खूबसूरती है.
सत्या (1998)
रामगोपाल वर्मा की फिल्म सत्या का क्लाइमैक्स भी गणपति विसर्जन पर आधारित है. इस फिल्म में भीड़-भाड़ वाले माहौल में सत्या अपने दोस्त भीकू महात्रे की मौत का बदला भाऊ नामक नेता से लेता है. विसर्जन के दौरान होने वाली हत्या न केवल फिल्म को रोमांचक अंत देती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि विघ्नहर्ता गणपति बुराई का अंत करते हैं.
गणपति गाने और भक्ति का मेल
इन फिल्मों के अलावा भी कई गाने और दृश्य हैं जो गणपति उत्सव के साथ जुड़े हुए हैं. यह सिर्फ धार्मिक आस्था को ही नहीं दर्शाते, बल्कि समाज और संस्कृति को जोड़ने का काम भी करते हैं. जब लोग देवा हो देवा, मोरेया रे या साडा दिल भी तू गाते हैं, तो यह गाने पंडालों और घरों की भक्ति का हिस्सा बन जाते हैं.