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जिम जाने से पहले कराएं ये 5 टेस्ट, 50 साल से कम उम्र वालों में भी बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा

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Gym Heart Attack Risk: पिछले कुछ समय से जिम या वर्कआउट के दौरान अचानक हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. खास बात यह है कि इनमें अधिकतर लोग 50 साल से कम उम्र के रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, बदलती जीवनशैली, तनाव, अनुचित आहार और आनुवंशिक कारणों के चलते हृदय रोग का खतरा अब युवाओं तक पहुंच चुका है. ऐसे में जिम शुरू करने से पहले सावधानी बरतना और जरूरी स्वास्थ्य जांच करवाना बेहद जरूरी है.

अंग्रेज़ी वेबसाइट ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑर्थोपैथ और स्पोर्ट्स सर्जन डॉ. ओबैदुर रहमान ने इंस्टाग्राम पर एक संदेश साझा कर बताया कि जिम शुरू करने से पहले दिल की सेहत का आकलन करने के लिए 5 महत्वपूर्ण टेस्ट करवाना जीवन रक्षक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि सुंदर दिखने या फिट बॉडी पाने की दौड़ में अक्सर लोग सबसे अहम अंग, ‘दिल’ को नजरअंदाज कर देते हैं.

डॉ. रहमान के मुताबिक, ये टेस्ट्स महंगे नहीं हैं बल्कि आपके स्वास्थ्य निवेश की तरह हैं. विशेषकर 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, जिनके परिवार में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग का इतिहास रहा है, उन्हें इन जांचों को जरूर करवाना चाहिए. इससे दिल की मौजूदा स्थिति का पता चलता है और जोखिम कम करने में मदद मिलती है.

डॉ. रहमान द्वारा सुझाए गए 5 जरूरी टेस्ट्स

  • ईसीजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) – यह टेस्ट दिल की बेसलाइन रिदम और इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी की जांच करता है. इससे किसी भी अनियमित धड़कन या शुरुआती समस्या का पता चलता है.
  • 2डी इको (2D Echocardiography) – यह दिल की संरचना और कार्यप्रणाली को दर्शाता है. इससे स्ट्रक्चरल हार्ट डिज़ीज़, वाल्व या पंपिंग क्षमता जैसी समस्याओं की पहचान होती है.
  • टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) – यह स्ट्रेस टेस्ट दिल की क्षमता और तनाव में उसके प्रदर्शन को जांचने के लिए किया जाता है. वर्कआउट के दौरान दिल पर पड़ने वाले दबाव का आकलन करने के लिए यह बेहद अहम है.
  • हाई सेंसिटिविटी ट्रोपोनिन + एनटी-प्रोबीएनपी (HS-Troponin + NT-ProBNP) – ये ब्लड मार्कर्स दिल की छुपी हुई थकान (Silent Cardiac Strain) और शुरुआती डैमेज का संकेत देते हैं. साथ ही, HSCRP और ESR जैसी जांचें शरीर में सूजन और कार्डियोवस्कुलर रिस्क का पता लगाने में मदद करती हैं.
  • लिपिड प्रोफाइल + HbA1C – यह टेस्ट कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और ब्लड शुगर लेवल का आकलन कर मेटाबॉलिक रेड फ्लैग्स को पहचानने में मदद करता है.
     

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Written by: Taushif

15 Sep 2025  ·  Published: 12:11 IST

पीठ, हाथ, पैर और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है चक्रासन, जानें फायदे

पीठ, हाथ, पैर और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है चक्रासन, जानें फायदे

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योग हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मन को शांत और सक्रिय बनाने में भी मदद करता है. इन्हीं में से एक बेहद फायदेमंद आसन है चक्रासन. इसे व्हील पोज़ भी कहा जाता है, क्योंकि इस आसन में शरीर पहिए जैसा आकार बना लेता है. चक्रासन रीढ़, कमर, पेट, आंखों और पूरे शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है.

चक्रासन कैसे करें?

  1. सबसे पहले पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं.
  2. अब पैरों को घुटनों से मोड़ें और एड़ियों को कूल्हों के पास ले आएं.
  3. अपने दोनों हाथों को सिर के पास रखें—हथेलियां जमीन पर टिकाएं और उंगलियां कंधों की ओर हों.
  4. अब गहरी सांस लेते हुए हाथ और पैरों पर जोर दें और शरीर को ऊपर उठाएं.
  5. आपका शरीर पहिए जैसा गोल दिखाई देगा.
  6. सिर को आराम से पीछे की ओर छोड़ दें.
  7. 10 से 20 सेकंड तक इसी स्थिति में रुकें और सामान्य सांस लेते रहें.
  8. फिर धीरे-धीरे शरीर को नीचे लेकर वापस लेट जाएं.

चक्रासन के फायदे
आयुष मंत्रालय और योग एक्सपर्ट के मुताबिक, नियमित चक्रासन करने से शरीर को कई लाभ मिलते हैं. रीढ़ और कमर मजबूत होती है, शरीर में लचीलापन बढ़ता है, पेट की मांसपेशियां टोन होती हैं, पाचन सुधरता है, कब्ज की समस्या में राहत मिलती है, हाथ, पैर और कंधे मजबूत होते हैं,  मुद्रा (पोश्चर) में सुधार होता है, तनाव, चिंता और मानसिक थकान कम होती है और ऊर्जा और सक्रियता बढ़ती है. चक्रासन पूरे शरीर पर काम करता है, इसलिए इसे रोज़ाना करने से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से फायदा मिलता है.

किन लोगों को चक्रासन नहीं करना चाहिए?
चक्रासन बहुत लाभदायक है, लेकिन कुछ लोगों को इससे बचना चाहिए.

  • गर्भवती महिलाएं
  • हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
  • हृदय रोग से पीड़ित लोग
  • कमर या रीढ़ की गंभीर समस्या वाले लोग
  • लगातार होने वाले क्रोनिक दर्द वाले लोग

इसके अलावा, चक्रासन खाली पेट करना चाहिए और शुरुआत में योग प्रशिक्षक की निगरानी में करना बेहतर होता है. चक्रासन सही तरीके से और नियमित रूप से करने पर न केवल शरीर मजबूत होता है, बल्कि मन भी शांत और संतुलित रहता है. यह आसन वास्तव में पूरे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाला एक संपूर्ण योग अभ्यास है.
 


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Written by: Taushif

26 Nov 2025  ·  Published: 23:33 IST

56 की उम्र में 40 दिखने के लिए अजमाए भाग्यश्री का हेल्थ सीक्रेट

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Health News: सलमान खान की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से पहचान बनाने वाली भाग्यश्री आज भी अपने फिटनेस और ग्लो से चर्चा में रहती हैं. 56 साल की उम्र में भी वो 40 की नजर आती हैं. फिल्मों से दूर रहने के बावजूद वह सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं और हेल्थ टिप्स शेयर करती हैं.

भाग्यश्री इंस्टाग्राम पर ‘ट्यूसडे टिप विद बी’ नाम की सीरीज चलाती हैं, जिसमें वो फिटनेस और हेल्थ से जुड़े आसान उपाय बताती हैं. हाल ही में उन्होंने घर पर की जाने वाली एक आसान एक्सरसाइज बताई, जो खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है जो जिम नहीं जा पातीं. उन्होंने कहा कि अगर जिम जाने का मन नहीं है, तो “गरबा को घर ले आइए”, यानी एक्सरसाइज को मजेदार बनाइए.

भाग्यश्री ने बताया कि gym stepper की मदद से आप कई वर्कआउट घर पर ही कर सकते हैं. इससे फिटनेस और एनर्जी दोनों बनी रहती हैं. उनके मुताबिक, हेल्दी रहने के लिए रोज थोड़ा समय खुद के लिए निकालना जरूरी है. इसी बीच, हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की वेबसाइट Harvard Health Publishing ने भी घर पर की जाने वाली कुछ आसान एक्सरसाइज बताई हैं, जो खासकर महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद हैं. ये न सिर्फ वजन नियंत्रण में रखती हैं, बल्कि हड्डियों, जोड़ों और दिमाग को भी मजबूत बनाती हैं.

पैदल चलना (Walking)
यह सबसे आसान लेकिन असरदार एक्सरसाइज है. इससे कोलेस्ट्रॉल घटता है, हड्डियां मजबूत होती हैं, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और डायबिटीज या हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है. रोज़ाना 30-45 मिनट चलने से मूड और याददाश्त दोनों बेहतर रहते हैं.

तैराकी (Swimming)
स्विमिंग को “संपूर्ण व्यायाम” कहा गया है. यह शरीर को बिना दबाव के फिट रखती है और गठिया जैसी समस्याओं में भी फायदेमंद है. इससे मूड अच्छा रहता है, तनाव कम होता है और कैलोरी तेजी से बर्न होती हैं.

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Strength Training)
यह सिर्फ पुरुषों के लिए नहीं है. महिलाएं भी घर पर हल्के वजन उठाकर शुरुआत कर सकती हैं. इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और उम्र के साथ आने वाली कमजोरी से बचाव होता है.


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Written by: Taushif

13 Oct 2025  ·  Published: 10:13 IST

तन-मन की थकान से कैफीन नहीं, ये हर्बल-टी दिलाएगी आराम, याददाश्त बढ़ाने में भी करेगी मदद

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Herbal Tea Benefits: जब शरीर और दिमाग थक जाते हैं, तो लोग अक्सर चाय या कॉफ़ी पीते हैं. आमतौर पर माना जाता है कि चाय और कॉफ़ी थकान दूर करते हैं और दिमाग को ध्यान लगाने में मदद करते हैं, लेकिन इनका गलत समय पर और ज़्यादा सेवन पूरे शरीर की सेहत पर असर डालता है. ऐसे में, आयुर्वेद एक ऐसा उपाय बताता है जो कैफीन के स्वाद से बेहतर है और शरीर के लिए फायदेमंद भी है.

आयुर्वेद में थकान और तनाव को नर्वस सिस्टम से जोड़ा जाता है. जब नसें थक जाती हैं, तो आँखें बंद होने लगती हैं, नींद आने लगती है, काम करने का मन नहीं करता, और पूरा शरीर अपना संतुलन खो देता है. सिर से पैर तक, शरीर को सिर्फ़ आराम चाहिए होता है. इस स्थिति में, हर्बल चाय बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि यह शरीर को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुँचाती और याददाश्त बेहतर बनाने में मदद करती है.

इस हर्बल चाय को बनाने के लिए आपको जटामांसी, ब्राह्मी और कैमोमाइल की ज़रूरत होगी. ये तीनों चीज़ें बाज़ार में आसानी से मिल जाती हैं. जटामांसी और ब्राह्मी जड़ी-बूटियाँ हैं, और कैमोमाइल एक औषधीय फूल है. इन तीनों को एक साथ पानी में उबालकर काढ़ा बना लें. इस मिश्रण को छान लें और गुनगुना होने पर पी लें. इससे शरीर एक्टिव और स्वस्थ रहेगा. ये तीनों चीज़ें मिलकर थकान कम करती हैं और नसों को आराम देती हैं, जिससे अच्छी नींद आती है.

जटामांसी दिल और चेतना को स्थिर करती है और दिमाग को संतुलित रखती है. यह घबराहट और बेचैनी से राहत देती है. इसमें मौजूद न्यूरो-रिलैक्सेंट कंपाउंड नर्वस सिस्टम को शांत करते हैं, और धीरे-धीरे शरीर में थकान कम महसूस होती है. दूसरी ओर, ब्राह्मी दिमाग में स्पष्टता और एकाग्रता लाती है. यह शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन को भी संतुलित करती है. ये दोनों हार्मोन शरीर में चिंता और तनाव बढ़ाते हैं.

इसके अलावा, कैमोमाइल में ऐसे गुण होते हैं जो नींद लाने में मदद करते हैं. दिमाग को शांत करने के साथ-साथ, यह गहरी नींद लाने में भी मदद करता है. हर्बल चाय पीने का सबसे अच्छा समय जानना भी ज़रूरी है. इसे रात को सोने से पहले, या लंबे समय तक तनाव रहने पर पीना सबसे अच्छा होता है. आप काम करते समय एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी इसे पी सकते हैं. रेगुलर चाय की तरह, इसकी लत नहीं लगती और यह पूरी तरह से सुरक्षित है.
 


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Written by: Taushif

08 Dec 2025  ·  Published: 21:12 IST